Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 15 June, 2019 3:45 PM IST

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश को आर्गेनिक बनाने के सपने से प्रेरणा लेकर एक किसान हरियाणा के अंतिम छोर पर रेतील टिब्बों में असंभव को संभव करते हुए सेब को पैदा कर रहे है. यही नहीं किसान ने एक ऐसी आर्गेनिक दवाई को भी बनाया है. जो फल नहीं देने वाला फलदार पौधा फल पर प्रयोग करने से फल देना शुरू कर देगा.चरखी दादरी जिले के अंतिम छोर पर बसे हुए गांव कान्हड़ा निवासी धर्मेन्द्र श्योरण ने ऐसा करके दिखाया है. जो कि देशभर में किसानों के लिए प्रेरणादायक है. हालांकि किसान को सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है. फिर भी वह आगे बढते हुए रेगिस्तान में सेब के साथ बादाम, अखरोट, काजू, अंजीर सहित चंदन के पेड़ उगा लगा चुके है. उनको इस कार्य के लिए पीएमओ कार्यालय समेत राज्य सरकार की तरफ से भी कई तरह के पत्र आ चुके है.

कई तरह के उगाते है सेब

किसान धर्मेंद्र के द्वारा आर्गेनिक दवाई को लेकर कृषि विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि देशभर के आईसीआर(ICAR) भी हैरान है, उनका कहना है कि आर्गेनिक दवाई के बारे में उनके पास आईसीएआर के वैज्ञानिकों के भी फोन आ चुके है. किसान की मेहनत और उपलब्धि को देखकर लगता है कि वह दिन दूर नहीं है जब हरियाणा में भी सेब, काजू, बादाम, केशर, अंजीर और पिस्ता की खेती होगी. किसानों के दावारा लगाए गए सेब के पेड़ पर इस गर्मी के मौसम में भी 7 सेब लगे हुए है. यह किसी चमत्कार से कम नहीं है. पिछली साल उनके घर में सेब के कुल 14 पेड़ है जिनमें से कुछ पेड़ काफी छोटे है. उनका कहना है कि अगले साल इन छोटे पेड़ों पर भी फल आ जाएंगे.

सरकार से नहीं मिला कोई सहयोग

रेगिस्तान में सेब को उगाने और दवाई को इजाद करने वाले धर्मेंद्र का दर्द जुबां पर आया. किसान का कहना है  कि हरियाणा की सरकार और वहां के कृषि मंत्री या विभाग की तरफ से कोई भी तरह की सहायता प्राप्त नहीं हुई है. उनका कहना है कि उन्हें कोई भी शिकवा नहीं है वे पीएम मोदी के सपने को  आगे लेकर तेजी से बढ़ रहे है. वे हर मकसद को पूरा कर सकते है. भाजपा विधायक ने कहा कि किसान ने मेहनत करके असंभव को  संभव करके दिखाया है. सरकार ऐसे किसानों को हर तरह की संभव मदद देगी ताकि किसान खेती के विविधीकरण को अपनाकर नये तरीके से आयाम को स्थापित कर सकें.

English Summary: Farmers earning profits on sandy land
Published on: 15 June 2019, 03:48 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now