Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 10 April, 2023 3:32 PM IST

Bihar: बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के रहने वाले एक किसान रविभूषण शर्मा अपनी सरकारी नौकरी छोड़ खेती शुरु की और अपने गांव के लोगों के लिए एक मिशाल कायम कर दी है. उन्होंने पारंपरिक तरीके की खेती छोड़ नई तकनीक के माध्यम से अमरूद की खेती शुरु की है और आज वह लाखों की कमाई कर रहे हैं.

किसान रविभूषण शर्मा के अनुसार, अमरूद के फल में एक बार निवेश के बाद पारंपरिक खेती की तुलना में 30 से 35 वर्षों तक लगातार कमाई होती रहती है. उन्होंने लगभग 5 एकड़ के खेत में पांच हजार अमरूद के पौधों को लगाया है.
 
रविभूषण ने ज्यादातर थाई सीडलेस और थाई सूर्यकिरण वेरायटी के अमरूद के पौधों को लगाया है. यह पेड़ साल भर में एक पेड़ से एक क्विंटल अमरूद की पैदावार कर देते हैं. इन फलों का वजन 200 ग्राम से 600 ग्राम तक होता है. उन्होंने बताया कि इस प्रजाति की अमरूद हमारे यहां बहुत ही प्रसिध्द हैं और इसका स्वाद भी बहुत अनोखा होता है. मंडियों में पहुंचते ही यह अमरूद हाथों हाथ ही बिक जाते हैं. उन्होंने कहा कि अमरूद के एक पेड़ से लगभग 1,000 रुपये तक की कमाई हो जाती है.

किसान रविभूषण शर्मा ने कहापूर्वी चम्पारण के क्षेत्र अमरूद की खेती के लिए जमीन काफी उपयुक्त है और उन्होंने इसको साबित भी कर दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि हमने इस प्रजाति के अमरूदों के हजारों पौधों को तैयार किया है और जिले के इच्छुक किसान हमारे यहां से पौधे ले जा सकते हैं. हम अपने किसान भाईयों को मुफ्त में अमरूद से जुड़ी खेती के तकनीक और रखरखाव के बारे में जानकारियां देंगे. वह जिले के अन्य सभी किसानों को अमरूद की खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि कैसे अमरूद की खेती कर कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: Guava Cultivation: इस विधि से करें अमरूद की खेती, होगी कम समय में ज्यादा कमाई

अमरूद के फल को इसकी बहुउपयोगिता एवं पौष्टिकता के लिए जाना जाता है. इसमे विटामिन सीए तथा बी पाये जाते हैं और साथ ही इसमें लोहाचूना तथा फास्फोरस भी मौजूद होते हैं. इससे जैमजैलीनेक्टर जैसी चीजे भी तैयार की जाती हैं. यह फसल किसी भी मिट्टी तथा जलवायु में तैयार की जा सकती है.

English Summary: After leaving the government job he started guava farming earning lakhs
Published on: 10 April 2023, 03:37 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now