Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 30 March, 2023 9:00 AM IST
केले की प्रोसेसिंग यूनिट

बिहार के अभिषेक आनंद ने अपने गांव वालों के साथ मिलकर केले की वैज्ञानिक खेती कर अच्छी आय के लिए फार्म पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाई है. वह आज केले के चिप्स के एग्री बिजनेस से काफी अच्छी कमाई कर रहे हैं. उन्होंने अपने इस प्रोडक्ट की अच्छी ब्रांडिंग भी करवा ली है. इससे उनके गांव के किसानों के आर्थिक हालात काफी बेहतर हुए हैं. अब देश के अलग-अलग इलाकों के किसान खेती के साथ-साथ एग्री बिजनेस मॉडल अपना रहे हैं. आज अभिषेक आनंद के फार्म में उगने वाले केले से बने चिप्स भारत में मशहूर हो रहे हैं.

अभिषेक आनंद ने कुछ साल पहले टिशू कल्चर तकनीक के माध्यम से केले की जी-9 किस्म की बागवानी शुरू और इसके साथ ही खेत में केले का चिप्स बनाने वाली प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई. इसके बारे में तकनीकों की अच्छी जानकारी के लिए उन्होंने अपने सीतामणी जिले के उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क किया. यहां पर उन्हें सरकार के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने केले की बागवानी के बारे में सोचना शुरू किया.

अभिषेक आनंद ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और फिर कोरोना महामारी के दौरान अपने गांव सीतामणी के मेजरगंज चले आए. इस दौरान उन्होंने खेती से जुड़ी तमाम योजनाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा की और फिर केले के की बागवानी करने का मन बनाया और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां कृषि विभाग के कार्यालय से मिल गईं.

ये भी पढ़ेंः केले का फल ही नहीं कचरा भी काम का, इससे ऐसे करें कमाई

अभिषेक को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने पर ड्रिप सिंचाई के संयंत्रों पर काफी छूट मिल गई. अभिषेक को मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत केले की बागवानी करने के लिए जी-9 किस्त केला की पौध सामग्री भी मिली और कृषि निदेशालय की ओर से फल की तुड़ाई और इसके प्रबंधन के लिए 90 प्रतिशत की छूट पर प्लास्टिक कैरेट भी मिल गया.

English Summary: Banana processing unit opened in the farm of village
Published on: 29 March 2023, 06:25 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now