Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 22 January, 2022 7:10 PM IST
National Child Day

भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) मनाया जाता है. राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य भारत की लड़कियों को सहायता और अवसर प्रदान करना है. बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देना और बालिका शिक्षा के महत्व और उनके स्वास्थ्य और पोषण के बारे में जागरूकता फैलाना है.

आज लगभग हर क्षेत्र में बेटियों को बराबर का हक़ दिया जाता है. मगर एक दौर था, जब बेटी को गर्भ में ही मार दिया जाता था. बेटियों को बाल विवाह की आग में झोंक दिया जाता था. यह विशेष रूप से ग्रामीण समुदायों में होता था, जब लड़कियों को कम उम्र में शादी करने के लिए मजबूर किया जाता था. मगर अब बेटियों के साथ होने वाले अपराधों के खिलाफ कानून बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही 24 जनवरी को यह दिवस मनाने का एक और कारण है, जो देश की बेटियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है.

राष्ट्रीय बालिका दिवस का इतिहास (History Of National Girl Child Day)

राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत पहली बार 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी. इस दिवस का उद्देश्य समाज में लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव के बारे में जागरूकता फैलाना है और बेटियों के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव लाना है.

इसे पढ़ें - National Milk Day: हर साल इस दिन मनाते हैं राष्ट्रीय दुग्ध दिवस, जानें इसका इतिहास

भारत सरकार ने बेटियों की स्थिति में सुधार लाने के लिए वर्षों से कई कदम उठाए हैं. इस भेदभाव को कम करने के लिए कई अभियान और कार्यक्रम जैसे सेव द गर्ल चाइल्ड, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, लड़कियों के लिए मुफ्त या रियायती शिक्षा, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में महिलाओं के लिए आरक्षण शुरू किए गए हैं.

राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व (Importance Of National Girl Child Day)

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना है. हर साल इस दिन राज्य सरकारें अपने-अपने जागरूकता की पहल करती हैं. राष्ट्रीय बालिका दिवस के अलावा, 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाया जाता है. कन्या भ्रूण हत्या से लेकर लैंगिक असमानता से लेकर यौन शोषण तक, मुद्दों की कोई कमी नहीं है. इसके पीछे मुख्य उद्देश्य लड़कियों के सामने आने वाली असमानताओं को उजागर करना, बालिकाओं के अधिकारों सहित जागरूकता को बढ़ावा देना, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण का महत्व है. आजकल भी लैंगिक भेदभाव एक बड़ी समस्या है, जिसका सामना लड़कियों या महिलाओं को जीवनभर करना पड़ता है.

English Summary: national girl child day 2022: history and significance of national girl child day
Published on: 22 January 2022, 05:46 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now