RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 21 January, 2019 2:13 PM IST

नवोदित कपास का बीज, जो चंद्रमा पर विकसित होने वाले पहले पौधे के रूप में तैयार किया गया था, उसकी मृत्यु हो गई है. चीन द्वारा कपास का पौधा चाँद पर उगाए जाने वाली कोशिश असफल रही. क्योंकि चाँद पर वह पौधा ठीक से साँस नहीं ले पाया और नष्ट हो गया.

चीन ने इसे लूनर रोवर से इसे लगाया था. जिससे यह दिन की रौशनी में तो जिन्दा रहा मगर रात में 170 डिग्री के गिरते तापमान की ठण्ड को यह पौधा सहन नहीं कर पाया और मर गया.

चाँद एक ऐसा गृह है जहां पर एक रात दो हफ़्तों के बराबर होती है. रात को यहां तापमान कम हो जाता है और दिन में 120 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है. इसका तापमान हमारी पृथ्वी से बिल्कुल उल्टी दिशा में चलता है.

3 जनवरी को रोवर चांगे-4  के साथ कपास, सरसों, आलू आदि के बीजों के साथ मक्खी के अंडे चाँद पर भेजे गए थे. जिसमें से केवल कपास के ही बीज का विकास हुआ. इसके अलावा और कोई पौधा नहीं पनप पाया.  इससे पहले भी अंतरिक्ष पर ऐसे कईं प्रयास किए गये पर कोई प्रयास सफल नहीं हुआ. यह पहला कपास का पौधा है जो चाँद पर कुछ समय के लिए ही सही पर जीवित तो रहा. जिससे वैज्ञानिकों को थोड़ी  आशा बंधी.

चाँद पर गए इस पौधे का सफर तो ज्यादा लंबा नहीं चल सका पर उसकी याद हमेशा के लिए हम सबके दिलों में रहेगी!!!!

English Summary: moon on first plant to grow dead
Published on: 21 January 2019, 02:15 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now