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Updated on: 11 October, 2022 5:03 PM IST
wheat cultivation

आज़ादी के बाद एक वक्त ऐसा था, जब भारत गेहूं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था, मगर किसानों व कृषि वैज्ञानिकों की बदौलत आज भारत गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक देश तो बना ही है, साथ में गेहूं के लिए अब बाकि के देश भारत पर निर्भर हैं. जिसके साथ ही गेहूं भारत की प्रमुख फसल बन चुकी है. मध्य प्रदेश गेहूं के उत्पादन का सबसे बड़ा राज्य माना जाता है. सरकार ने गेहूं के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए रणनीति तैयार की है.

बता दें कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2020-21 में सबसे अधिक 129.42 लाख मीट्रिक टन गेहूं की बिक्री की गई. जिसके बाद वर्ष 2021-22 के दौरान 128.15 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी दर्ज की गई. अब सरकार इस साल गेहूं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए रणनीति लेकर आई है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की जा सके.  

मध्य प्रदेश सरकार की रणनीति

मध्य प्रदेश सरकार किसानों को उनके गेहूं के लिए सही कीमत दिलाने के लिए शरबती गेहूं पर जीआई टैग पाने की प्रक्रिया पर खासा ध्यान दे रही है. जिसके लिए सरकार ने किसानों से गेहूं की सीधी खरीदी के लिए 4500 से अधिक उपार्जन केंद्र स्थापित कर दिए हैं. 

इससे किसानों के साथ- साथ राज्य सरकार को भी गेहूं के प्रबंधन में मदद मिलेगी. इसके अलावा राज्य के किसानों के लिए सिंचाई की भी अच्छी व्यवस्था की गई है. नहर सिंचाई के तहत 43 लाख हेक्टेयर क्षेत्र हैं जो उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के लिए अच्छा श्रोत हैं.

अधिक उपज देने वाली किस्में

मध्य प्रदेश गेहूं की इन किस्मों की बंपर पैदावार होती है.

  • पूसा तेजस, (HI-8759) Duram गेहूं की उपज क्षमता 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है.

  • पूसा अनमोल, (HI-8737) Duram गेहूं की उपज क्षमता 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है.

  • पूसा मालवी, (एचडी-4728) डुरम व JW-3382 गेहूं की किस्म 68 क्विंटल /हेक्टेयर की दर से उत्पादन देती है.

  • गेहूं की राज-4238 किस्म 55 क्विंटल /हेक्टेयर की दर से उत्पादन देती है.

यह भी पढ़ें: गेहूं की पछेती किस्मों की बुवाई कर रहे हैं, तो इस तकनीक से करें

शरबती गेहूं की किस्में

मध्य प्रदेश को गेहूं के उत्पादन का हब माना जाता है, साथ ही राज्य में शरबती गेहूं को लगभग 9.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उगाया जा रहा है. शरबती गेहूं की प्रमुख किस्में हर्षिता (HI 1531), HD 2987, सुजाता (HI-617) JWS 17, अमृता (HI 1500) हैं.

डुरम गेहूं की किस्में

डुरम गेहूं भी मध्य प्रदेश में लगभग 16.00 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उगाया जाता है. डुरम गेहूं की प्रमुख किस्में पूसा मंगल (HI-8713), पूसा पोषण (HI 8663), मालवश्री (HI – 8381), मालव शक्ति (HI- 8498), पूसा अनमोल (HI – 8737), पूसा मालवी (HD – 4728), मालव रत्न (HD-4672), MP0 – 1215, JW-1255, JW- 1106 हैं.

English Summary: Wheat production will be increased in Madhya Pradesh, the government has made a strategy
Published on: 11 October 2022, 05:09 PM IST

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