Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 22 December, 2021 3:25 AM IST
weeds growing in rabi crops

खरपतवार एक प्रकार के पौधों या घास-फूस की तरह होते हैं, जो अनचाहे रूप से किसी फसल के साथ उग आते हैं और फसल को नष्ट कर देते हैं. इसी कड़ी में रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना, मटर, आलू व लहसुन आदि फसलों की खेती होती है,जिनकी मौजूदा वक्त में देखभाल करना जरूरी है.

अगर गेहूं की बात करें, तो गेहूं की फसल में मामा, बथुआ और मकोय जैसे खरपतवार (Weed) उग आते हैं और फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाते हैं. बता दें कि किसानों को इन फसलों से तभी अच्छा लाभ प्राप्त हो सकता है, जब इन फसलों में खरपतवार (Weed) नियंत्रण किया जाए. ऐसे  में खरपतवार के प्रभावी नियंत्रण के लिए खरपतवार की प्रकृति और प्रकार का जाना जरूरी हो जाता है, इसलिए कृषि वैज्ञनिको ने खरपतवार से बचाव के लिए सुझाव दिए हैं.

इन दवाओं का करें छिड़काव (Spray These Medicines)

कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, यदि फसलों में खरपतवार होने की सम्भावना दिखाई दे रही है, तो पेनाक्साडान नामक रसायन दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह खरपतवार को कम करने में काफी सहायक है. इसके लिए 20 ग्राम दवा को 150 लीटर पानी में घोल कर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें. इसके अलावा एफीनिटी व ट्राइसल्फ्यूरान नामक दवा मकोय सहित चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार के लिए प्रभावी है.

इस खबर को भी पढें - मूंग में रोग एवं कीट नियंत्रण, खरपतवार से भी जैविक और रासायनिक तरीके से ऐसे पाएं छुटकारा

इसका भी 50 ग्राम दवा को 150 लीटर पानी में घोल कर इसका छिड़काव करें. इसी प्रकार कारफेन्ट्राजान है, जिसका छिड़काव भी खरपतवार को कम करने में अच्छा माना जाता है.

वैज्ञनिकों का कहना है कि खरपतवारनाशी दवाओं में जिंक आदि पोषक तत्वों को मिलाया जाता है. इनका फसल पर जैसे ही छिड़काव होता है, तो खरपतवार के पौधे उसे बेहद तेजी से ग्रहण करते हैं और दवा के प्रभाव से उनकी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं. इधर मुख्य फसल के पौध इन्हें बेहद कम ग्रहण करता है और कम दुष्प्रभाव को झेलते हुए खुद को बचा लेता है.

English Summary: weeds growing in rabi crops cause damage, prevent them like this
Published on: 22 December 2021, 05:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now