बस्तर के जंगलों का ‘खुला औषधालय’ खतरे में! मंजूर गोड़ी समेत कई दुर्लभ जड़ी-बूटियां विलुप्त होने की कगार पर Escorts Kubota ने मनीष शर्मा को एग्री बिजनेस का प्रेसिडेंट नियुक्त किया, ट्रैक्टर और Agri Business की संभालेंगे जिम्मेदारी पारंपरिक मेहनत से आधुनिक तकनीक तक: STIHL MS 382 ने आसान किया राजू राम का काम! Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 5 June, 2020 4:48 PM IST

कई बार किसान और पशुपालक के पशु खो जाते हैं, जिससे उन्हें काफी नुकसान होता है. मगर अब किसान और पशुपालक की इस समस्या का समाधान निकाला जा चुका है. दरअसल, सरकार द्वारा राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम के तहत मेरठ जिले में गाय और भैंसों की टैगिंग का काम शुरू किया गया है. बता दें कि अब पशुओं के कान के पास एक यूनिक नंबर का टैग लगाया जा रहा है. इस तरह पशुओं की पहचान करना बहुत आसानी हो जाएगा. बता दें जिले में अभी तक लगभग 75 हजार से अधिक पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है.

पोर्टल पर हो रहा डाटा अपलोड

केंद्र सरकार द्वारा इनाफ पोर्टल लांच किया गया है. इस पोर्टल पर पशुओं का टैग नंबर डाला जा रहा है, साथ ही पशुपालकों का नाम और घर का पता भी डाला जा रहा है. इस तरह पशुओं की पहचान करना आसान होगा. अगर पशुपालक के पशु खो जाते हैं, तो देश के किसी और हिस्से में पहुंच जाते हैं, तो इस तरह उनके मालिक की पहचान हो पाएगी.

ये खबर भी पढ़ें: राज्य सरकार कामधेनु डेयरी योजना के तहत डेयरी लगाने के लिए देगी 90 प्रतिशत तक लोन, जानें शर्तें और आवेदन की प्रक्रिया

आपको बता दें कि अभी तक जिले में लगभग 75585 गाय और भैंस की टैगिंग की जा चुकी है. इसमें गाय की संख्या 44319 है और भैंसों की संख्या 31266 है. इसके अलावा इनाफ पोर्टल पर 20741 पशुओं का डाटा अपलोड किया जा चुका है. बता दें कि पशुपालन विभाग ने जिले के लगभग 12 ब्लॉकों के पशु चिकित्साधिकारी को इस काम की जिम्मदारी सौंपी है. सभ पशुपालक को पशुओं की टैगिंग कराना अनिवार्य है. इसके बाद पशुपालकों को कई और योजनाओं का लाभ भी मिल पाएगा.

ये खबर भी पढ़ें: One Nation One Ration Card: इन नए 3 राज्यों को भी मिलेगा योजना का लाभ, अगस्त से राशनधारक ले पाएंगे मुफ्त राशन

English Summary: Unique ID number will identify animals
Published on: 05 June 2020, 04:53 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now