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Updated on: 13 August, 2022 1:50 PM IST
आटा-चावल हुआ सस्ता

जब भी कभी महंगाई बढ़ने लगती है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर देखने को मिलता है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से देशभर में महंगाई की मार पर ब्रेक (brake on inflation) लगा हुआ है.

देखा जाए तो जुलाई महीने में महंगाई के खिलाफ मोर्चा (front against inflation) करने से जनता को बड़ी राहत की सांस मिली है. इसका यह असर अभी तक देश में जारी है. भारतीय मंडियों (Indian mandis) में कई समानों की कीमतें स्थिर होने के कारण लोगों के रसोई घरों में सब्जियों आटा-चावल मौजूद हैं.

महंगाई दर में गिरावट दर्ज (Inflation recorded a fall)

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में जुलाई-अगस्त माह में खाद्य महंगाई दर (food inflation rate) में लगातार गिरावट को दर्ज किया गया है. इस महीने में खाने-पीने की चीजों से लेकर अन्य कई सामानों के दाम में कमी देखी गई है. देखा जाए तो जुलाई माह में महंगाई सबसे निचले पायदान पर दर्ज की गई है.

जुलाई माह में इतनी रही महंगाई (So much inflation in the month of July)

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जुलाई माह में महंगाई (inflation in july) की दर करीब 7 फीसदी तक नीचे पहुंच गई थी और वहीं यह दर जून में 7.1 फीसदी तक रही. इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले महीनों में भी महंगाई की दर इसी प्रकार बने रहने की संभावना है. 

गेहूं की कीमत में गिरावट (Wheat prices fall)

देश में पिछले कुछ दिनों से आटा से लेकर चावल तक की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है. जिसके चलते लोगों की आमदनी पर राहत की सांस मिली है. बता दें कि वर्तमान समय में आटा की कीमत (price of flour) में 5 प्रतिशत और चावल की कीमत (rice price) में 7 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है.

इस प्रकार से मंडी में गेहूं (wheat in the market ) लगभग 23 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, लेकिन ट्रांसपोर्ट खर्च और अन्य खर्च को मिलाकर लोगों के घरों तक गेहूं 26 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है.

English Summary: Relief from inflation, flour and rice became cheaper
Published on: 13 August 2022, 01:54 PM IST

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