RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 22 December, 2020 2:13 PM IST
Kisan Andolan

नए कृषि कानून (New Farm Law) के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन (KisanAndolan) का 26वां दिन है. जिस पर पूरे देश की नजर बनी हुई है. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी किसानों से अपील की थी कि हर समस्या का हल बातचीत से निकल सकता है, कई बार सरकार और किसानों के बीच बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक इस समस्या का हल निकलकर सामने नहीं आया है. ऐसे में किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. इसी कड़ी में किसान आंदोलन की फंडिंग को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने लगे हैं.

किसान आंदोलन की फंडिंग को लेकर सवाल

अब सवाल उठने लगा है कि आखिर किसान आंदोलन (KisanAndolan) के लिए पैसा कहां से आ रहा है. इतनी संख्या में दिल्ली बॉर्डर (Delhi Border) पर किसान आंदोलन कर रहे हैं, तो आखिरकार उनके राशन पानी की जिम्मेदारी कौन उठा रहा है? यह सवाल कई लोगों के जेहन में उठ रहा है. मगर इस सवाल का जवाब किसानों के पास मौजूद है.

किसान आंदोलन का है बहीखाता

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो किसान आंदोलन (KisanAndolan)का बहीखाता है. साल में 2 बार हर गांव से चंदा इकट्ठा किया जाता है और हर 6 महीने में करीब ढाई लाख रुपए का चंदा इकट्ठा होता है. बताया जा रहा है कि इस आंदोलन को सबसे बड़ी मदद पंजाब के डेमोक्रेटिक टीचर्स फेडरेशन सेमिल रही है. किसानों को फेडरेशन द्वारा 10 लाख रुपए की सहायता मिली है.

बहीखाते में दर्ज हो रहा खर्च

दिल्ली में आंदोलन कर रहे किसानों पर कहां और कितनी राशि खर्च हो रही है,इसका हर हिसाब बहीखाते में दर्ज किया जा रहा है. जानकारी मिली है कि दिल्ली में टिकरी बॉडर पर जमा किसानों का हिसाब मानसा की रहने वाली सुखविंदर कौर रख रहीं हैं, जो कि भारतीय किसान यूनियन की उपाध्यक्ष हैं. वह पंजाब-हरियाणा से आए तमाम लोगों से चंदा ले रहीं हैं और उसे बहीखाते में लिख रहीं हैं.

English Summary: Read from where is the Kisan Andolan getting funding
Published on: 22 December 2020, 02:16 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now