टिकाऊ कृषि के माध्यम से जायडेक्स कर रहा एक हरित भविष्य का निर्माण बाढ़ से फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगा ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा, 5 सितंबर 2025 तक करें आवेदन बिना गारंटी के शुरू करें बिजनेस, सरकार दे रही है ₹20 लाख तक का लोन किसानों को बड़ी राहत! अब ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिलेगी 80% सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का लाभ जायटॉनिक नीम: फसलों में कीट नियंत्रण का एक प्राकृतिक और टिकाऊ समाधान Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 3 February, 2021 5:31 PM IST
राकेश टिकैट

कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा के जींद जिले में चल रहे महापंचायत में अचानक राकेश टिकैत का मंच टूट गया. मंच के टूटटे ही राकेश टिकैट समेत अन्य कई नेता धड़ाम से जमीन पर गिर गए, जिसके बाद वहां भारी हड़कंप मंच गया. इस घटना का एक वीडियो भी अभी खूब वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि मंच के गिरते ही किस तरह वहां का माहौल बदल गया.

क्यों गिरा मंच

मंच क्यों गिरा फिलहाल इस बारे में अभी तक कुछ भी पुख्ता तौर पर कहा नहीं जा सकता, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तय क्षमता से बहुत अधिक लोगों के चढ़ जाने से मंच का बैलेंस खराब हो गया. अचानक हुए इस दुर्घटना से राकेश टिकैत समेत कई किसान नेताओं के हल्की चोटें आई भी हैं.

जिंद में चल रही है महापंचायत

गौरतलब है कि किसान संगठनों द्वारा इस आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए हरियाणा के जींद जिले में महापंचायत बुलाई गई है. इस महापंचायत में किसानों का सबसे बड़ा नेतृत्व राकेश टिकैत कर रहे हैं.

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

इस समय किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष और सरकार बिलकुल आमने-सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं. एक तरफ राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी पर आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया है कि किसानों से बात करने की जगह दिल्ली पुलिस द्वारा भारी बैरिकेडिंग क्यों की जा रही है.

भारत सरकार ने पेश की सफाई

वहीं अब अपनी तरफ से सरकार ने भी सफाई पेश की है. केंद्र ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा कि 'भारत में किसानों का एक छोटा सा हिस्सा इन कानूनों को लेकर आशंकित है, प्रदर्शनकारियों की भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है और भारत सरकार उनसे बातचीत कर रही है.

English Summary: Rakesh Tikait Rakesh Tikait And Protest Farm Protest Farm Protet And Central Government
Published on: 03 February 2021, 05:37 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now