Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 26 January, 2021 3:16 PM IST

पिछले दो महीनों से अधिक समय से चल रहा किसान आंदोलन आज ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसक हो गया है. पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई जगहों से आए किसान आज काबू से बाहर हो गए हैं, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ लाठियां चलाई.

लाल किले पर आ गए किसान

गौरतलब है कि रैली के लिए दिल्ली पुलिस से करार किए गए तीन रूटों के अलावा किसानों का कुछ दल लाल किले और इंडिया गेट की तरफ बढ़ गया. दोपहर होने तक कई किसान दिल्ली बॉर्डर से आईटीओ पहुंच चुके थे, जहां पुलिस मुख्यालय से कुछ दूरी पर खूब तोड़फोड़ हुई और पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी. पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया.

फहराया अपना झंडा

इस बीच आंदोलनकारियों का एक भारी दल लाल किले तक पहुंच गया. हालांकि पुलिस ने उन्हें बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलनकारी नहीं माने. भारे हंगामे के बीच आंदोलनकारियों ने लाल किले पर अपना झंडा फहरा दिया.

डीटीसी बसों को नुकसान

खबर लिखे जाने तक आंदोलनकारियों द्वारा कई डीटीसी बसों और सार्वजनिक संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंच चुका था. किसानों ने न सिर्फ डीटीसी बसों के शीशे तोड़े, बल्कि कई जगह पर भारी पथराव भी किए.

राहुल गांधी ने की शांति की अपील

इस आंदोलन को कवर करने वाले मीडियाकर्मियों को भी भारी चोट आई है. कई मीडियाकर्मी जख्मी हैं. अभी तक राहुल गांधी समेत विपतक्ष के कई बड़े नेताओं ने किसानों को शांति के साथ विरोध करने को कहा है. अपने एक ट्विट में राहुल गांधी ने किसानों को समझाते हुए कहा कि “हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है, चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा, देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो!”

English Summary: Protesting Farmers at Red Fort know more about farmer protest
Published on: 26 January 2021, 03:23 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now