Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 23 July, 2019 4:15 PM IST

अगर हम बिहार के कुछ बेहद ही नामचीन पहचानों की बात करें तो यहां का मशहूर मगही पान भी एक अलग पहचान रखता है. भारत में पान की खेती अनेक जगहों पर अलग-अलग स्थानों पर होती है. लेकिन यहां का मगही पान काफी ज्यादा मशहूर माना जाता है. मगही पान की खेती मुख्य रूप से मगध इलाके के चार जिलों औरगंबाद, नवादा, गया और नालंदा मे बड़े पैमाने पर होती है. अब देश विदेश में पहचान दिलाने के लिए यहां पर शहर मे काफी मंडिया बनाई जा रही है. यहां पर पान की सिकाई के लिए भट्टी, डाक के लिए एक बड़े प्लेटफॉर्म, भंडारण, व्यवसायियों के रहने के लिए समचित वय्वस्था की जाएगी. यहां पर पान मंडी बनने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी.

पान का होगा ट्रीटमेंट

यहां की मंडी में मगही पान का ट्रीटमेंट करके बनारसी पान में बदला जाएगा. इससे पान का दाम दोगुना हो जाएगा. इसके लिए पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर की देखरेख में भी कई तरह की भट्टियों का निर्माण किया जाएगा. यहां मंडी तक पहुंचने के लिए यातायात की भी समुचित वयवस्था की जाएगी. इससे व्यापारियों को पहुंचने में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी.

पान का जीआईटैग

मगही पान का ट्रीटमेंट करने के बाद जीआईटैग को लगाकर इसको देश और विदेश में बेचा जाएगा. इससे मगही पान की अपनी खुद की भी पहचान होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. अभी सभी किसान पान को वाराणसी में भेज रहे है. यहां पर छह से आठ फीसदी का कमीशन लिया जाता है. जीआई टैग के इस्तेमाल से बाद में काफी ज्यादा फायदा मिलेगा. इस पान की मंडी को निर्माण करने में 50 लाख रूपये  की राशि से होगी इसको लेकर जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जाएगा. किसानों को उम्मीद है इससे काफी अच्छी आय होगी और इससे मगह की पान देश-विदेश में भी काफी ज्यादा प्रचलित हो जाएगी.

English Summary: Now the foreigner will also like to taste the famous paan of Magahi
Published on: 23 July 2019, 04:21 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now