भले ही सरकार किसानों की उन्नति के लिए बेशुमार योजनाएं लेकर आ जाए, लेकिन अगर उसका लाभ सही किसानों तक नहीं पहुंच पाए, तो फिर इन योजनाओं का मतलब ही क्या रह जाएगा। ऐसा ही कुछ हुआ
'किसान सम्मान निधि योजना' के साथ भी। केंद्र सरकार ने इस योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों के लिए की थी, लेकिन अफसोस जरूरतमंद किसानों तक इसकी पहुंच न हो पाने के कारण जिस उद्देश्य के लिए इस योजना की शुरूआत की गई थी, उसकी पूर्ति नहीं हो पाई।
क्या है, किसान सम्मान निधि योजना
विदित हो कि वर्ष 2018 में आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए देने का प्रावधान है। यह रकम किसानों को तीन किस्तों पर प्रदान की जाती है, ताकि उनकी आर्थिक संवृद्धि हो सके।
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जरूरतमंद किसानों को नहीं मिल पा रहा लाभ
दरअसल, जरूरतमंद किसानों की जगह अन्य अपात्र लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं। कई राज्यों से ऐसे मामले सामने आए हैं, लिहाजा अब ऐसे सभी लोगों के खिलाफ नकेल कसने के लिए सरकार ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है।
सरकार का पूरा प्लान क्या है?
सभी लाभार्थियों को चिन्हित करने के लिए सरकार उनके नामों को ग्राम पंचायतों में डिस्पले करने जा रही है, ताकि ग्रामीणों को सभी लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त हो सके। इससे अपात्र लाभार्थियों को आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस योजना के तहत सभी ग्रामीणों को लाभार्थियों के बारे में जानकारी मिल जाएगी, इससे यह आसानी से पता लगाया जा सकेगा कि कौन इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता रखता है और कौन नहीं। ऐसा करके जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
अब तक इतने लोग लगा चुके हैं, सरकार को चूना
बता दें कि इस योजना के तहत अब तक 33 लाख फर्जी किसानों का पता चला है, लिहाजा फर्जीवाड़े के इस सिलसिले पर विराम लगाने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है।
English Summary: Modi Govt made a plane for fake beneficiaries under pm kisan yojanaPublished on: 04 March 2021, 03:25 PM ISTMore on this section
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