Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 20 April, 2020 1:10 PM IST

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को एक बड़ी राहत दी है. राज्य के किसानों को वित्त वर्ष 2020-21 में बिना ब्याज के ही फसल ऋण दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि किसान पहले ही मौसम की मार झेल रहा है, तो वहीं कोरोना संकट की वजह से उनका और भी नुकसान हो रही है.

बिना ब्याज दर पर कृषि लोन

आपको बता दें कि क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसानों को 3 लाख का लोन 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जाता है. इस लोन को 1 साल के अंदर चुकाना पड़ता है, जिसपर किसानों को 4 प्रतिशत की सब्सिडी भी मिलती है. किसान किसी भी राष्ट्रीय और निजी बैंक से यह लोन प्राप्त कर सकता है. इसी तरह राज्य सरकारें भी कृषि संबंधी कार्यों के लिए कृषि लोन की सुविधा उपलब्ध कराती हैं. इस कृषि लोन को राज्य सरकार के सहकारी बैंक से प्राप्त किया जा सकता है. इस योजना को फसल ऋण कहा जाता है. खास बात है कि किसानों को इस लोन पर कोई ब्याज नहीं देना पड़ता है. इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार ने भी किसानों के हित में फैसला लिया है कि वित्त वर्ष 2020-21 में किसानों को बिना ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा. राज्य सरकार की ओर से किसानों को सहाकरी बैंक से फसली ऋण मिलता रहा है. इसको वित्त वर्ष में भी जारी रखा जाएगा. बता दें कि यह योजना राजस्थान सरकार ने भी लागू कर रखी है.

समय पर लोन नहीं देने पर 14 प्रतिशत ब्याज

किसानों को रबी फसल और खरीफ़ के लिए अलग-अलग फसल ऋण दिया जाता है, जो कि भूमि के आधार पर मिलता है. इसकी आदायगी की अधिकतम सीमा 6 महीने की होती है. अगर रबी फसल के लिए लोन लिया है, तो इस लोन को 28 मार्च तक चुकाना पड़ता है. अगर किसान तय तारीख पर लोन तक लौटा देता है, लोन पर शून्य प्रतिशत का ब्याज लगता है. मगर किसान तय तारीख पर लोन नहीं चुका पाया, तो उसे 14 प्रतिशत ब्याज देना होता है.

इस साल बढ़ी लोन चुकाने की अवधि

देशभर में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन चल रहा है. इस कारण किसान रबी फसलों को बेच भी नहीं पा रहा है, इसलिए वह लोन भी चुकाने में सक्षम नहीं है. ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार ने फसली ऋण चुकाने की अवधि बढ़ा दी है. अब किसान 31 मई 2020 तक फसली ऋण चुका सकता है, जो कि पहले 28 मार्च तक चुकाना था. राज्य सरकार के इस फैसले से किसानों को काफी रहत मिली है.  

ये खबर भी पढ़ें: जायद फसलों के बीज पर मिल रही 50 प्रतिशत की सब्सिडी, ऐसे आवेदन कर लें होम डिलवरी की सुविधा

English Summary: Madhya Pradesh government will provide agricultural loan without interest to farmers
Published on: 20 April 2020, 01:14 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now