Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 27 September, 2022 5:28 PM IST
हस्तशिल्प कलाकारों के साथ कैलाश चौधरी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने मंगलवार को संसदीय क्षेत्र बाड़मेर के बालोतरा एवं पचपदरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान 'वोकल फॉर लोकल' के तहत हस्तशिल्प कलाकारों से मिलकर उनकी कार्य पद्धति को समझा तथा समस्याओं के समाधान को लेकर संवाद किया.

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने पहले बालोतरा में पेटिकोट निर्माता महेंद्र एवं सुरेश परिहार की पेटिकोट निर्माण फैक्ट्री में पहुंचकर स्थानीय व्यापारियों एवं महिला हस्तशिल्प कलाकारों से मुलाकात की तथा पेटिकोट की सिलाई कर रही महिलाओं से बातचीत की.

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि बालोतरा का पॉपलीन कपड़ा उद्योग प्रसिद्ध है, इसमें भी पेटीकोट निर्माण उद्योग स्थानीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है. इस उद्योग से स्थानीय स्तर पर हमारी माताओं बहनों को भी रोजगार प्राप्त होता है. केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान के तहत त्योहारों पर उपहार के रूप में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प के साथ साथ स्थानीय उत्पादों तथा पैकिंग के लिए गैर प्लास्टिक बैग का उपयोग करने की अपील की है. मैं भी आप सभी से त्यौहारों या खुशियों के अन्य अवसरों पर हमारे स्थानीय हस्तशिल्प कलाकारों को प्रोत्साहन देने तथा उनसे खरीददारी करने का विशेष आग्रह करता हूँ.

ये भी पढ़ें: e-National Agriculture Market Portal से व्यापारी खरीद सकते हैं सस्ता सेब, किसानों के लिए भी फायदेमंद

इसके बाद केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी पचपदरा में देवजी भाई मटकी वाले एवं जगदीश प्रजापत के प्रतिष्ठान पर जाकर चाक पर स्थानीय मिट्टी से बन रहे मटका निर्माण उद्योग को प्रोत्साहित किया. साथ ही हस्तशिल्प कला की अपनी परंपरागत विरासत को बढ़ावा देने के लिए प्रजापत समाज की सराहना की. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि माटी के स्वाद को समाहित करने वाले मटका उद्योग को धरोहर के रुप में संरक्षित करना अतुल्य है. मिट्टी से बनी हस्तनिर्मित वस्तुएं जैसे मटके, तवे, बोतले आदि वस्तुएं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी है. मिट्टी से बना मटका तो प्राकृतिक आरओ' ही है. कैलाश चौधरी ने कहा कि आगामी त्योहारों की श्रृंखला मे सभी देशवासियों से अपील है कि स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों की खरीद को बढ़ावा दें तथा "लोकल फॉर वोकल" अभियान में अपनी सहभागिता निभाए

English Summary: kailash chaudhary meet with the handicraft artists regarding vocal for local campaign
Published on: 27 September 2022, 05:40 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now