Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 6 February, 2019 5:32 PM IST

आज के समय में पानी की कमी की वजह से किसानों के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही है. जिस कारण भविष्य में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है और भूखमरी, गरीबी बढ़ती जा रही है. इन्ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए आईसीएआर द्वारा एक हाइड्रोजेल तैयार की गई है जो सूखाग्रस्त क्षेत्रों में खेती करने में मददगार साबित हो रही है.

इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहां पानी की कमी होती है या जहां सिंचाई के लिए उपलब्ध साधन नहीं मिल पाते क्योंकि पानी की कमी की वजह से किसानों को पानी खरीदना पड़ता है और इसमें लगात भी बहुत अधिक लगती है. ऐसे में यह हाइड्रोजेल किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी.

हाइड्रोजेल एक ऐसी जेल है जो पानी में मिलते ही ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी को अपने अंदर तक सोख लेती है. यह पौधों की जड़ों के पास रहती है क्योंकि जड़ों में ही पानी की सबसे ज्यादा कमी रहती है. इसका उपयोग आप 3 -4  बार कर सकते है. इससे आपके खेतों को कोई नुकसान नहीं होता. आपको एक एकड़ में 2 -3 किलो हाइड्रोजेल की ही आवश्यकता पड़ती है. यह 40 -50 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी ख़राब नहीं होती.

सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए यह किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है इसलिए जो किसान इसे मंगवाना चाहते है वो सीधा कृषि विज्ञान केंद्र या फिर कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा से भी सम्पर्क कर सकते हैं.

English Summary: hydrgel increase farmers income
Published on: 06 February 2019, 05:37 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now