Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 6 February, 2019 5:32 PM IST

आज के समय में पानी की कमी की वजह से किसानों के लिए परेशानियां बढ़ती जा रही है. जिस कारण भविष्य में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है और भूखमरी, गरीबी बढ़ती जा रही है. इन्ही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए आईसीएआर द्वारा एक हाइड्रोजेल तैयार की गई है जो सूखाग्रस्त क्षेत्रों में खेती करने में मददगार साबित हो रही है.

इसका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहां पानी की कमी होती है या जहां सिंचाई के लिए उपलब्ध साधन नहीं मिल पाते क्योंकि पानी की कमी की वजह से किसानों को पानी खरीदना पड़ता है और इसमें लगात भी बहुत अधिक लगती है. ऐसे में यह हाइड्रोजेल किसानों के लिए काफी फायदेमंद रहेगी.

हाइड्रोजेल एक ऐसी जेल है जो पानी में मिलते ही ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी को अपने अंदर तक सोख लेती है. यह पौधों की जड़ों के पास रहती है क्योंकि जड़ों में ही पानी की सबसे ज्यादा कमी रहती है. इसका उपयोग आप 3 -4  बार कर सकते है. इससे आपके खेतों को कोई नुकसान नहीं होता. आपको एक एकड़ में 2 -3 किलो हाइड्रोजेल की ही आवश्यकता पड़ती है. यह 40 -50 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी ख़राब नहीं होती.

सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए यह किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है इसलिए जो किसान इसे मंगवाना चाहते है वो सीधा कृषि विज्ञान केंद्र या फिर कृषि अनुसंधान परिषद, पूसा से भी सम्पर्क कर सकते हैं.

English Summary: hydrgel increase farmers income
Published on: 06 February 2019, 05:37 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now