Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 1 July, 2022 12:44 PM IST
Agromet advisory for MP Farmers

जहां एक ओर देश के कई राज्यों में इन दिनों बारिश देखने को मिल रही है. वहीं दूसरी ओर मौसम बदलने का सबसे ज्यादा असर किसानों की फसलों पर पड़ता है. ऐसे में मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश का दौर जारी है. इसलिए मौसम विभाग के भोपाल केंद्र ने मध्य प्रदेश के बागवानी किसानों को सलाह देते हुए कुछ सावधानी बरतने की सलाह दी है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने पशुपालक किसानों के लिए भी जरूरी जानकारी साझा की है.

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बागवानी विशिष्ट सलाह (Horticulture Specific Advisory For Madhya Pradesh farmers)

बैंगन- तना बेधक और फल बेधक कीट की संभावना हो सकती है. ऐसे में अगर बैंगन और भिंडी में ये कीट दिखाई दे तो उसे तोड़कर नष्ट कर दें. इसके नियंत्रण के लिए 1 मिली / 4 लीटर पानी पर आधारित स्पिनोसैड 48 ईसी कीटनाशक का घोल बनाकर स्प्रे करें.

टमाटर और मिर्च- इस समय टमाटर की फसल में पत्ती के मुड़ने की संभावना हो सकती है. इसलिए यदि ऐसा प्रतीत होता है, तो थियोमेथैक्सम 25 डी.जी. का उपयोग करें. इसे नियंत्रित करने के लिए 100 ग्राम दवा का 500 से 600 लीटर पानी में घोल बना कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें.

नींबू- नींबू और बेर की सूखी शाखाओं को काट लें और प्लेटों को निराई करें और आवश्यकतानुसार सिंचाई करें.

आम और अमरूद- नए वृक्षारोपण के लिए गड्ढे तैयार करें.

मध्य प्रदेश के पशुपालकों के लिए बेहद जरूरी जानकारी

मवेशी(Cattle)

सूखा चारा दिन में दो बार दें.

समय-समय पर पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध कराएं.

भूसा कटर को काटकर हरा चारा उपलब्ध कराएं.

एक्टो परजीवी (Ecto Parasite) को नियंत्रित करने के लिए ब्यूटॉक्स (Butox) का उपयोग करें.

पशुओं को 50-60 ग्राम नमक पानी में मिलाकर पिलाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: किसान, पशु और मत्स्य पालकों के लिए बेहद जरूरी जानकारी, इस मौसम में रखें इन बातों का ध्यान

मुर्गी पालन(Poultry)

7 दिन (F1) और 6 सप्ताह में R2B से चूजों का टीकाकरण करें.

रानीखेत रोग से बचाव के लिए कुक्कुट पक्षियों का टीकाकरण करें.

पक्षियों को खनिज मिश्रण और ताजा व साफ पानी उपलब्ध कराएं.

बकरी पालन (Goat Farming)

पीपीआर रोग को नियंत्रित करने के लिए बकरी का टीकाकरण करें.

बकरी को सूखी और छायादार जगह पर रखें और हरा चारा, ताजा व साफ पानी दिन में तीन बार दें.

एंडोएंडेक्टो परजीवी (Endoandecto Parasite) के लिए नियंत्रण के उपाय करें.

English Summary: Horticulture and livestock farmers should pay attention, the IMD issued a warning by issuing agromet advisory
Published on: 01 July 2022, 12:52 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now