Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 12 August, 2020 12:42 PM IST

खेती में आए दिन बढ़ते पेस्टीसाइड और फ़र्टिलाइज़र से किसानों को खेती करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कृषि और किसान कल्याण विभाग ने पहले फसलों में होने वाली बीमारियों से सम्बंधित कीटनाशक दवाओं के साथ खाद और बीज विक्रेताओं के लिए डीएईएसआई (डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फार इनपुट डीलर्स प्रोग्राम) का एक वर्ष का डिप्लोमा या फिर बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री का होना अनिवार्य कर दिया था. हालांकि अब ऐसा नहीं है. खाद और बीज की दुकान खोलने की राह में अब डिग्री आड़े नहीं आएगी.

दरअसल विभाग द्वारा बीज बैंक योजना को बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा. इस योजना के तहत देशभर में जिलेवार बीज बैंक स्थापित किए जाएंगे और साथ ही किसानों को बीज बैंक का लाइसेंस भी दिया जाएगा. इस तरह किसान बीज उत्पादन (Seed Production) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे. अगर 10वीं पास युवा भी खाद-बीज की दुकान का लाइसेंस लेना चाहते है तो वो इसे आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. हालांकि इसके लिए उन्हें कृषि विभाग में 15 दिन की ट्रेनिंग लेनी होगी. इसके बाद उन्हें खाद बीज बिक्री का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा. आपको बता दे कि, भारत सरकार ने नियमों में संशोधन के साथ ही प्रशिक्षण के लिए अलग से पाठ्यक्रम भी तय किया है. जिसमें खाद की बिक्री के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी दी जाएगी.

लाइसेंस के लिए जरूरी योग्यताएं

  • उम्मीदवार 10वीं पास होना ही काफी होगा.

  • आवेदक की उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच होना चाहिए

  • किसान के पास अपनी, बटाई या पट्टेदारी में न्यूनतम 1 एकड़ जमीन होनी चाहिए.

  • राज्य स्तर से बीज के स्तर और मानकों के लिए निबंधन और प्रमाणन करना पड़ेगा.

English Summary: Good News ! 10th pass farmers can also become seed sellers, government will give license of seed bank
Published on: 12 August 2020, 12:46 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now