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Updated on: 14 September, 2020 2:40 PM IST

इस साल आलू बीज की कीमत आसमान छू रही है. इससे किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि हिमाचल के ऊना जिले में किसानों को इस सीजन आलू बीज पिछली बार की तुलना में दोगुनी कीमत पर मिल रहा है. अगर किसान 2065 प्रति हेक्टेयर पर फसल उगा रहे हैं, तो उन्हें 4500 रुपए प्रति क्विंटल आलू बीज मिल रहा है. इससे किसान इस बार आलू की बुवाई करने से तौबा करने लगे हैं, तो वहीं इस बार आलू बीज के लिए विख्यात लाहौल के किसान खुश हैं, क्योंकि उन्हें इस बार कीमत दोगुनी मिल रही है.

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल यहां जो 50 किलो की बोरी 900 रुपए तक की मिलती थी, वो इस बार 1700 रुपए से अधिक की मिल रही है. इस बार लाहौल में 978 हेक्टेयर पर किसानों ने बीज के लिए आलू की बुवाई कर दी है. बीते एक सप्ताह पहले ऊना जिले में आलू के बीज 3600 से 3800 रुपए प्रति क्विंटल थे, लेकिन अब इसकी कीमत में 600 से 800 रुपए तक की बढ़ोत्तरी कर दी है. इसके बाद यह 4400 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं. यह मुख्य कारण है कि जिले के लगभग 30 प्रतिशत अधिक किसानों ने आलू की बुवाई करने से मुंह मोड़ लिया है.

अगर बड़े जम्मीदारों की बात करें, तो उन्होंने आलू की फसल की 40 से 50 प्रतिशत तक बुवाई कम की है. यानी इस बार जिले में लगभग 622.8 हेक्टेयर पर आलू की बुवाई नहीं की जाएगी. बता दें कि ऊना 27500 मीट्रिक टन उत्पादन के साथ राज्य का सबसे बड़ा आलू उत्पादक जिला है. बताया जा रहा है कि महंगे बीज होने की वजह से किसानों ने बुवाई 50 प्रतिशत की है.

खबरों की मानें, तो 50 किलोग्राम प्रति बोरी आलू को व्यापारी 1600 से 1700 रुपए देकर खरीद रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में कुफरी ज्योति और चंद्रमुखी आलू बीज की कीमतों में भी उछाल आ सकता है.

English Summary: Farmers are abandoning farming by doubling the price of potato seed
Published on: 14 September 2020, 02:49 PM IST

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