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Updated on: 18 February, 2023 9:00 PM IST
बाजार में नकली आलू

Fake potatoes: बाजार में नकली आलू बढ़ते ही जा रहे हैं. इस समय हेमांगिनी आलू चंद्रमुखी के भाव में बिक रहे हैं, जो दिखने में चंद्रमुखी जैसे होते हैं लेकिन इनका स्वाद बिल्कुल अलग होता है. इन दोनों आलू के बीच इतनी समानता होती है कि चंद्रमुखी और हेमंगिनी आलू के बीच अंतर समझ नहीं आता है.

बाजार में चंद्रमुखी आलू 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. वहीं हेमांगिनी आलू की कीमत 10 से 12 रुपये प्रति किलो होनी चाहिए. लेकिन कुछ बेशर्म व्यापारी हेमंगिनी आलू को चंद्रमुखी आलू बताकर बाजार में बेच रहे हैं. जिस कारण खरीदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

हुगली कृषि सहकारी समिति के एक सदस्य ने बताया कि हेमांगिनी आलू मूल रूप से आलू की मिश्रित किस्म है. इस आलू की खेती पंजाब और जालंधर के अलग-अलग हिस्सों में की जाती है. इस आलू के बीज दूसरे राज्यों से इस राज्य में आते हैं.

हेमांगिनी आलू की हुगली में भी अलग-अलग जगहों पर खेती की जाती है. आलू की इस खेती में पैदावार अधिक होती है. जहां प्रति बीघा 50 से 60 बोरी चंद्रमुखी आलू का उत्पादन होता है, वहीं इस आलू का उत्पादन करीब 90 से 95 बोरी होता है. हालांकि हेमांगिनीआलू की उत्पादन दर अधिक है, लेकिन बाजार में इस आलू की मांग बहुत कम है.

हुगली के जिला कृषि अधिकारी मनोज चक्रवर्ती ने कहा, शहरी इलाकों के लोगों के लिए बाहर से हेमांगिनी आलू और चंद्रमुखी आलू के बीच अंतर करना बहुत मुश्किल है. हेमंगिनी आलू को चंद्रमुखी आलू के साथ क्रॉस ब्रीडिंग करके बनाया जाता है.

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चूंकि यह आलू हाईब्रिड है इसलिए कम समय में और कम लागत में इसकी खेती की जा सकती है. चंद्रमुखी आलू जिसे बनने में तीन से चार महीने का समय लगता है. वहां ये हाईब्रिड आलू डेढ़ से दो महीने के अंदर पैदा हो जाते हैं. इस हेमंगिनी आलू को बाजार में कई बेईमान व्यापारी चंद्रमुखी आलू बताकर बेच रहे हैं.

English Summary: Fake potatoes are being sold indiscriminately in urban and rural areas
Published on: 18 February 2023, 04:16 PM IST

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