RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 27 August, 2020 2:18 PM IST

जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग ने जीआई-टैग (GeographicaI Index जिसे GI Tag भी कहा जाता है) मिलने वाले 'कश्मीरी केसर' (Kashmiri Saffron) के व्यापार को भविष्य में आगे बढ़ावा देने के लिए एक ई-नीलामी (E-Auction) यानी कि ऑनलाइन नीलामी पोर्टल तैयार किया है. जिसका मुख्य उद्देश्य खरीदारों को गुणवत्तायुक्त कश्मीरी केसर (High Quality Kashmiri Saffron) तक पहुंच बनाने का आश्वासन देना है. भारत अंतर्राष्ट्रीय कश्मीर केसर ट्रेडिंग सेंटर (India International Kashmir Saffron Trading Centre जिसे IIKSTC भी कहा जाता है) तत्वावधान में कृषि विभाग (Agriculture Department) ने एनएसई-आईटी के साथ मिलकर यह पोर्टल (Portal) बनाया है.

ऐसे करें खुद को पंजीकृत (How to register yourself)

कश्मीर घाटी के केसर उत्पादकों (Saffron Producer) और भारत भर के खरीदारों (Indian Customers) से इस ऑफिशियल वेबसाइट द्वारा www.saffroneauctionindia.com ई-ट्रेडिंग के लिए खुद को विक्रेता और खरीदार के रूप में पंजीकृत (Register) करने का अनुरोध किया गया है, ताकि पंजीकृत उत्पादकों और खरीदारों के बीच परेशानी मुक्त ई-ट्रेडिंग (E-Trading) सुनिश्चित हो सके.

कश्मीरी केसर की है खास मांग

गौरतलब है कि कश्मीरी केसर की मांग भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में भी खूब है. बदहजमी, पेट-दर्द व पेट में मरोड़ आदि बीमारियों के उपचार में इसका प्रयोग होता है. वहीं हाजमे से संबंधित तरह-तरह की दवाईयों में भी इसका उपयोग किया जाता है.

बंपर पैदावार की उम्मीद

केसर की खेती को नेशनल मिशन ऑन सैफरॉन (NMS) के अंतर्गत लाने के बाद से उम्मीद है कि इस बार पंपोर में बंपर उत्पादन होगा. गौरलतब है कि एनएमएस के तहत, मोदी सरकार ने 411 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट चलाया है. इसी प्रोजेक्ट के तहत केसर के लिए 3,715 हेक्टेयर क्षेत्र का कायाकल्प किया जाना प्रस्तावित है.

ये खबर भी पढ़े: कश्मीर के केसर को मिला जीआई टैग, इस योजना के तहत बंपर पैदावार की उम्मीद

English Summary: E-Auction Saffron : Now agriculture department will conduct e-auction of saffron of Jammu and Kashmir
Published on: 27 August 2020, 02:22 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now