Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 27 July, 2019 6:56 PM IST

भारतीय पशु चिकित्सा संघ ने नई दिल्ली के पूसा में दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेन का आयोजन किया है. यह आयोजन पूसा के नास कॉम्पलेक्स के ए पी शिंदे सभागार में 26-27 जुलाई को आयोजित किया गया है. इस कांफ्रेस में देश के कृषि वैज्ञानिक, भारतीय चिकित्सा संघ के अधिकारी, विदेशों से आए हुए अतिथि आदि शामिल थे. इस दो दिवसीय कांफ्रेस में भारतीय चिकित्सा संघ के अधिकारी समेत अन्य वक्ताओं ने पशुपालन, डेयरी संबंधी विषयों पर अपनी जानकारी को रखा. इस दौरान कांफ्रेस में बताया गया कि किस प्रकार से पशुओं को विभिन्न तरह की कई समस्याएं, रोग और अन्य विकार हो जाते है और इससे संबंधी चिकित्सा क्षेत्र में किस तरह की व्यापक चुनौतियां आज मौजूद है. इस सम्मेलन में पशुओं की अलग-अलग प्रजातियों जैसे कि गाय, भैंस, आदि से संबंधित विषयों पर चर्चा आयोजित की गई है. कांफ्रेस में संघ के अध्यक्ष सी काडियन ने कहा कि इस सम्मेलन के पूरा हो जाने के बाद सभी सुझावों और विचारों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. साथ ही इसे सफल बानने के लिए किसान संघ का पूरी तरह से सहयोग लिया गया है.

गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र के प्रोडक्ट

कांफ्रेस में नागपुर के गो विज्ञान अनुसंधान केंद्र से आए रोशन ने अपने विभिन्न प्रकार के उत्पादों को प्रदर्शित किया. उन्होंने इस प्रदर्शनी में गोमुत्र, गोदुग्ध, गोघृत, गोमूत्र आसव, कामधेनु तैल, धूपबत्ती समेत कई विभिन्न तरह के प्रोडक्ट को लगाया और वहां आ रहे लोगों को इसके संबंध में विभिन्न तरह की जानकारी उपलब्ध करवायी. इसके अलावा इन औषधि और दवाईयों से संबंधित कई तरह की पुस्तकों का भी प्रदर्शन किया जिसमें कई तरह की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई थी.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना लक्ष्यः काडियन

यह भारतीय पशु चिकित्सा संघ की पहली इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेस है जिसे यहां पूसा में आयोजित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में कुल 27 पशु चिकित्सक संगठन आए हुए है जो कि अपने विचार-विमर्श को रख रहे है. इसके अलावा उतर पूर्व के राज्यों में राष्ट्रीय सेमिनार भी आयोजित किया था जिसमें आठ राज्यों के अधिकारी आदि शामिल थे. काडियन ने कहा कि इस तरह की कांफ्रेस का मुख्य उद्देश्य देश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है. इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन हर साल आयोजित हो इस पर प्रयास जारी है. अगली बार हम क्षेत्रीय स्तर पर जयपुर और लखनऊ में इस तरह का आयोजन करने जा रहे है.

English Summary: Discussion on the challenges of Indian veterinary therapy at the International Conference in Pusa
Published on: 27 July 2019, 06:58 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now