Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 1 July, 2022 3:35 PM IST
प्रतिबंधों की नहीं की गई परवाह

रूस यूक्रेन संकट ने  समूची दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती उपस्थित की है और इसी वजह से अमेरिका सहित कई बड़े पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंधों की बौछार कर दी है. इन प्रतिबंधों ने रूस के लिए अनेक मुश्किलें खड़ी कर दी है.

उसकी अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां भी प्रस्तुत हुई. इन सभी प्रतिबंधों के बीच रूस के लिए राहत की बात यह है कि वह भारत का सबसे बड़ा डीएपी खाद (DAP Khad) की आपूर्ति करने वाला बन गया है.

पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की नहीं की गई परवाह

पश्चिमी देशों को दरकिनार करते हुए भारत ने रूस से अप्रैल से जुलाई के बीच साढ़े तीन लाख टन अमोनियम फास्फेट खाद आयात करने का समझौता किया है. यह करार जहां रूसी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत है वहीं भारत को भी अत्यधिक कम दरों पर डीएपी खाद की प्राप्ति से फायदा ही हुआ है.

किन कंपनियों को मिला है ऑर्डर

इस आयात का ऑर्डर इंडियन पोटाश लिमिटेड,राष्ट्रीय केमिकल फर्टिलाइजर्स, कृषक भारती कोऑपरेटिव और चंबल फर्टिलाइजर्स को प्राप्त हुआ है.

किन कीमतों पर प्राप्त हुआ है ऑर्डर

सूत्रों के अनुसार ऊपर वर्णित कंपनियों को यह ऑर्डर 920 - 925  डॉलर प्रति टन की कीमत पर प्राप्त हुआ है. इस राशि में माल पहुंचाने का भाड़ा भी शामिल माना जा रहा है. यह ध्यातव्य है कि किसी भी अन्य देश को इतनी कम कीमत पर डीएपी खाद प्राप्त नहीं हुई है.

अन्य देशों को देनी पड़ी है ज्यादा कीमत

बांग्लादेश ने करीब 8 लाख टन खाद के लिए 1020 - 1030 डॉलर प्रति टन कीमत का वार्षिक टेंडर दिया है, वहीं थाईलैंड और इंडोनेशिया ने क्रमशः है 992 - 1000 डॉलर  प्रति टन पर यह करार किया है. पाकिस्तान की बात करें तो वह 1030 डॉलर प्रति टन पर भी डील को अंतिम रूप देने में सफल नहीं हो सका है.  इसका एक अन्य कारण पाकिस्तानी रुपए के मूल्य में डॉलर के मुकाबले आई बड़ी गिरावट को भी माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें: Biopesticides पर एक लाख किसानों को मिलेगा 90% अनुदान, पढ़िए कैसे होगा लाभ

अनुमानों के अनुसार देश में अप्रैल से जुलाई के बीच 9.5 से 9.6 टन डीएपी खाद का आयात किए जाने की बात है. इनमें सबसे ज्यादा खाद का आयात रूस से किया जा रहा है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में डीएपी खाद का सर्वाधिक आयात चीन से हुआ था.

विद्वानों का मानना है कि भारत द्वारा आपूर्ति स्रोतों को विस्तार देना एक समझदारी वाला कदम है. इससे भारत किसी भी एक राष्ट्र विशेष के साथ बंधने के बजाय अपने करारों के लिए स्वतंत्र नीति अपना सकेगा.

English Summary: DAP Khad Russia will provide India with DAP fertilizers at more concessional rates
Published on: 01 July 2022, 03:36 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now