Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 12 November, 2021 12:12 PM IST
Woman Farmer

समय के साथ महिलाओं ने भी कृषि क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है. कृषि में महिलाओं का हमेशा से अहम योगदान रहा है और अब भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया की महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही हैं. बात अगर विश्व की करें तो रोजगार के मामले में महिलाओं का एक तिहाई हिस्सा कृषि क्षेत्र पर निर्भर है.

जबकि उच्च-मध्यम और उच्च-आय वाले देशों में महिला किसानों का प्रतिशत 10% से कम है, वहीं निम्न-आय और निम्न-मध्यम-आय वाले देशों में महिलाओं के लिए कृषि सबसे महत्वपूर्ण रोजगार क्षेत्र है. फिर भी, पुरुषों की तुलना में महिला किसानों की भूमि तक पहुंच और स्वामित्व काफी कम है.

ऑस्ट्रेलिया में है महिला किसानों का दबदबा (Women farmers dominate in Australia)

महिलाओं की कृषि भूमिअधिकारों में हिस्सेदारी केवल 12.8% है क्योंकि महिलाओं को हमेशा से कम आंका जाता है. ऑस्ट्रेलिया में, कृषि में महिलाओं की भूमिका को पूरे इतिहास में समान रूप से मान्यता दी गई है और उनकी उपेक्षा की गई है. जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि 2016 में ऑस्ट्रेलिया के कृषि कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 32% थी. आज, वे ऑस्ट्रेलिया में वास्तविक कृषि आय का कम से कम 48% उत्पादन करती हैं.

कृषि और महिला किसान (Agriculture and women farmers)

ऑस्ट्रेलिया में महिला किसानों का कार्य सूरज उगने के साथ ही शुरू हो जाता है. सुबह आठ बजे तक वो जानवरों को खाना खिलाती हैं और इससे पहले मुर्गी के अंडे जमा कर लेती हैं. जलवायु नियंत्रण प्रणाली की जांच करने के साथ ही वह सफाई करती हैं. इसके बाद अपने गार्डन में जाने के साथ ही उसमें काम करना शुरू कर देती हैं. 

इसे भी पढ़ें: Agriculture Machinery: ये 3 कृषि यंत्र महिला किसानों के लिए हैं बहुत उपयोगी

कृषि क्षेत्र में महिलाओं की जरुरत क्यों? (Why are women needed in agriculture?)

कृषि में कई महिलाओं ने पारंपरिक रूढ़ियों को खारिज करना शुरू कर दिया है और कृषि उद्योग के क्षेत्र में अपनी जगह बनायी हैं. सामाजिक और पर्यावरणीय न्याय से प्रेरित होकर, महिला किसान फल-फूल रही हैं, देश को दिखा रही हैं कि खेती को अधिक टिकाऊ अभ्यास में बदलना संभव और आकर्षक है.

कॉसमॉस मैगजीन के अनुसार, न्यू इंग्लैंड विश्वविद्यालय, एनएसडब्ल्यू में राजनीतिक अर्थव्यवस्था और रोजगार संबंधों की व्याख्याता डॉ लूसी न्यूज़ोम कहती हैं, “कृषि उद्यम में महिलाओं की हमेशा से महत्वपूर्ण भूमिका रही है, लेकिन उन्हें किसानों के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी.” उन्हें गैर-योगदान करने वाले भागीदारों के रूप में देखा गया. पर अब हालात में बदलाव हो रहा है.

English Summary: Australia's women farmers have an increased interest in agriculture
Published on: 12 November 2021, 12:19 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now