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Updated on: 6 May, 2020 7:18 PM IST

कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है. ऐसे में सभी लोग अपने घरों में कैद हैं. हालांकि सरकार द्वारा कृषि कार्यों को जारी रखने की अनुमति मिल गई है. मगर इस गंभीर बीमारी के डर से कोई अपने घरों से बाहर निकलना नहीं चाहता है. इसका सीधा असर सब्जी के बाजारों पर पड़ रहा है. बता दें कि सब्जी मंडियों में खरीदारों की कमी के कारण किसान अपनी फसलों को सड़कों पर फेकने के लिए मजबूर हो गए हैं.

शिमला मिर्च की फसल हुई बर्बाद

इस वक्त इंदौर-भोपाल की थोक मंडियां बंद चल रही हैं. इससे सब्जी उगाने वाले किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में एक खबर सामने आई है कि यहां इस बार चापड़ा के एक किसान ने लगभग 4 लाख रुपए की लागत से 5 बीघा खेत में पिकाडोर और 3 बीघा में शिमला मिर्च की खेती की थी. जब तक फसल तैयार हुई, तब तक देशभर में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लग गया और इंदौर और भोपाल की सारी थोक मंडियां बंद हो गईं. इससे किसान अपनी फसल मंडी में नहीं बेच पाया है, जिसके बाद किसान ने खेत में मजदूर लगाकर शिमला मिर्च की तुड़वाई करवाकर खेतों से बाहर फेंकना पड़ा.

किसान को लगभग 24 लाखा का हुआ नुकसान

कोरोना और लॉकडाउन की स्थिति में किसान को लगभग 24 लाख रुपए की फसल सड़कों पर फेंकनी पड़ी है. इसके अलावा दूध और अंडा के उत्पादन से जुड़े किसानों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि इन दिनों बाजार में कई उत्पादों की मांग कम हो गई है. इस कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है.

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English Summary: 24 lakh rupees crop was lost to farmer
Published on: 06 May 2020, 07:20 PM IST

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