RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 6 May, 2020 7:18 PM IST

कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगा हुआ है. ऐसे में सभी लोग अपने घरों में कैद हैं. हालांकि सरकार द्वारा कृषि कार्यों को जारी रखने की अनुमति मिल गई है. मगर इस गंभीर बीमारी के डर से कोई अपने घरों से बाहर निकलना नहीं चाहता है. इसका सीधा असर सब्जी के बाजारों पर पड़ रहा है. बता दें कि सब्जी मंडियों में खरीदारों की कमी के कारण किसान अपनी फसलों को सड़कों पर फेकने के लिए मजबूर हो गए हैं.

शिमला मिर्च की फसल हुई बर्बाद

इस वक्त इंदौर-भोपाल की थोक मंडियां बंद चल रही हैं. इससे सब्जी उगाने वाले किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ऐसे में एक खबर सामने आई है कि यहां इस बार चापड़ा के एक किसान ने लगभग 4 लाख रुपए की लागत से 5 बीघा खेत में पिकाडोर और 3 बीघा में शिमला मिर्च की खेती की थी. जब तक फसल तैयार हुई, तब तक देशभर में कोरोना की वजह से लॉकडाउन लग गया और इंदौर और भोपाल की सारी थोक मंडियां बंद हो गईं. इससे किसान अपनी फसल मंडी में नहीं बेच पाया है, जिसके बाद किसान ने खेत में मजदूर लगाकर शिमला मिर्च की तुड़वाई करवाकर खेतों से बाहर फेंकना पड़ा.

किसान को लगभग 24 लाखा का हुआ नुकसान

कोरोना और लॉकडाउन की स्थिति में किसान को लगभग 24 लाख रुपए की फसल सड़कों पर फेंकनी पड़ी है. इसके अलावा दूध और अंडा के उत्पादन से जुड़े किसानों को भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बता दें कि इन दिनों बाजार में कई उत्पादों की मांग कम हो गई है. इस कारण किसानों को काफी नुकसान हो रहा है.

ये खबर भी पढ़ें: जन कल्याण संबल योजना: गरीब परिवारों के लिए फिर शुरू हुई ये योजना, जानें कैसे मिलेगा हजारों रुपए का लाभ

English Summary: 24 lakh rupees crop was lost to farmer
Published on: 06 May 2020, 07:20 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now