RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 4 July, 2019 2:19 PM IST

बेमौसम सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए काफी अच्छी खबर है. दरअसल उत्तर प्रदेश के बहराइच में अब हर मौसम में सब्जियों के साथ स्वस्थ पौधे आसानी से उपलब्ध होंगे. इसके लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत रोगमुक्त सब्जी पौध उत्पादन के लिए रिसयामोड़  स्थित स्वर्ण जंयती पार्क में इजरायल की तकनीक मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण करवाया जाएगा. इस कार्य में 1.02 करोड़ रूपये खर्च होंगे.

एक साथ तैयार होंगे पौधे

रिसिया मोड़ स्थित पार्क में बन रहे मिनी सेंटर से एक बार में दो लाख रोगमुक्त पौध तैयार होंगे. एक एकड़ में इस सेंटर का निर्माण करवाया जा रहा है. इजरायल की तर्ज पर यह पौधे उत्पादन बढ़ाने में भी सहायक होंगे. किसी भी मौसम में इनको रोपा जा सकता है.

पौधों में रहेगी नारियल की खेती

सारी सब्जियों के पौधे रोगमुक्त रहें और उनकी बढ़ावार अच्छी रहे. इसके लिए कोकोपिट वर्मी कोलाइड यानि कि नारियल की खाद का प्रयोग होगा. बीज की बोवाई करते समय नारियल खाद के पैकेट मे भर दी जाएगी.

आधुनिक मशीनों से होगी खेती

पौंधों की सिंचाई के लिए आधुनिक मशीनों को लगाया जाएगा. बीज को बोने, खाद को मिलाने के लिए भी मशीनों का ही प्रयोग किया जाएगा. इससे कम समय में ही बेहतर पौध तैयार होगी.

इन सब्जियों की बेहतर पौध

इस तरह की हाईटेक नर्सरी में हाईब्रिड प्रजाति के टमाटर, बैगन, मिर्ट, शिमला मिर्च, फूलगोभी, बंदगोभी, तरबूज, खरबूज, खीरा, लौकी, कद्दू, तौरईयां, करेला, पपीता, समेत अन्य सब्जियों की पौध तैयार होगी. किसान इस पौध की बोआई करके उत्पादन बढ़ा सकते है. इसके अलावा जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि सब्जियों की पौध के लिए किसानों को मामूली शुल्क भी देना होगा. खुले क्षेत्र में उत्पादन के लिए अलग- अलग शुल्क का निर्धारण भी किया गया है. किसान की ओर से बीज को उपलब्ध कराने पर शुल्क एक रूपये प्रति पौधा शुल्क लगेगा. नर्सरी के लिए यह पौधा तैयार किया गया है.

सम्बन्धित खबर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें !

बागवानी उत्पादन बढ़ाने वाली इजरायल की बंबल बी मंगाने पर जोर

English Summary: Vegetables to grow now in hightech nursery on Israeli lines
Published on: 04 July 2019, 02:22 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now