Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 25 October, 2023 4:27 PM IST
गेहूं की उन्नत किस्में ( Image Source: Pixabay)

किसानों के लिए गेहूं की फसल खाद्यान्न की प्रमुख फसलों में से एक है. जैसा कि आप जानते हैं कि किसानों के द्वारा खरीफ फसलों की कटाई की जा रही है और इसके बाद किसान अपने खेत में रबी सीजन की गेहूं की फसल की तैयार शुरू कर देंगे. इसकी फसल से अच्छा उत्पादन के लिए किसान बाजार से गेहूं के उन्नत किस्म के बीजों को खरीदते हैं. किसानों को उनकी फसल से अधिक पैदावार डालने के लिए भारतीय कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा विभिन्न जलवायु व मिट्टी के अनुसार गेहूं की बेहतरीन किस्मों को विकसित करते रहते हैं. इसी क्रम में आज हम वैज्ञानिकों के द्वारा तैयार की गई गेहूं की असिंचित दशा में बोई जाने वाली सात बेहतरीन किस्में मगहर (केo-8027), इन्द्र( केo-8962), गोमती (केo-9465), केo-9644, मंदाकिनी (केo-9351) , एच.डी.आर.-77 और एच.डी.-2888 की जानकारी लेकर आए हैं.

ये किस्में 30-40 क्विंटल/हेक्टेयर तक पैदावार देती हैं. बता दें कि गेहूं की ये सभी किस्में सिंचित और असिंचित दोनों तरह के क्षेत्रों में अच्छा उत्पादन देने में सक्षम है. ऐसे में आइए गेहूं की इन उन्नत किस्मों के बारे में जानते हैं-

गेहूं की असिंचित क्षेत्रों में बोई जाने वाली किस्में

मगहर (केo-8027)-  गेहूं की यह किस्म 140 से 145 दिनों के अंदर में पककर तैयार हो जाती है. इस किस्म को किसान असिंचित क्षेत्र में लगाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.गेहूं की मगहर (केo-8027) किस्म किसानों को  प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल तक पैदावार दे सकती है.

इन्द्र (केo-8962)-  यह किस्म खेत में 90-110 दिन में पककर तैयार हो जाती है. इसके पौधे 110-120 सेमी. तक लंबे होते है. गेहूं की इन्द्र( केo-8962) किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 25-35 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं.

गोमती (केo-9465)-  गोमती (केo-9465) किस्म 90-110 दिन में पक जाती है. इस किस्म के पौधे 90-100 सेमी. तक लंबे होते है. गेहूं की यह किस्म प्रति हेक्टेयर 28-35 क्विंटल तक उपज देती है.

केo-9644-  गेहूं केo-9644 किस्म खेत में 105-110 दिन में तैयार हो जाती है. इसके पौधे 95-110 सेमी. लंबे पाए जाते हैं. वहीं यह किस्म 35-40 क्विंटल/हेक्टेयर तक उत्पादन देती है.

मंदाकिनी (केo-9351)-  गेहूं मंदाकिनी (केo-9351) किस्म 115-120 दिन की अवधि में पूरी तरह से पक जाती है. वहीं, इसके पौधे की लंबाई 95-110 सेमी. तक होती है. किसान इस किस्म से प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें: गेहूं की इन टॉप 3 किस्मों की खेती कर किसान पाएं प्रति हेक्टेयर 74 क्विंटल तक पैदावार, जानें अन्य विशेषताएं

एच.डी.आर.-77 - गेहूं की यह किस्म 25-35 क्विंटल/हेक्टेयर तक बढ़िया पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. यह किस्म 105-115 दिन में पक जाती है.

एच.डी.-2888 - गेहूं एच.डी.-2888 किस्म से किसान प्रति हेक्टेयर 30-35 क्विंटल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. इस किस्म को पकने में 120-125 दिन का समय लगता है. वहीं, इसके पौधे की लंबाई 100-110 सेमी तक लंबे होते हैं.

English Summary: top seven varieties of wheat are maghar (KO-8027) indra (KO-8962) gomati (KO-9465) KO-9644 mandakini (KO-9351) HDR-77 and HD- 2888 unirrigated will give yield of 40 quintals/hectare
Published on: 25 October 2023, 04:33 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now