RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 1 March, 2019 5:18 PM IST

छत्तीसगढ़ में इस बार अभी से ही आम के पेड़ों पर बौर लद चुके हैं. इसलिए किसानों तथा आसपास के कारोबारियों को इस बार पिछले साल से भी अच्छी आमदनी होने की उम्मीद है. छत्तीसगढ़ का जिला जशपुर आम की खेती के लिए काफी मशहूर है. दरअसल पिछले कुछ सालों में आम की फसल काफी कम हुई है. साथ ही तेज हवा और बारिश के चलते बौर झड़ गए थे और क्षेत्र के लोग आम के स्वाद से पूरी तरह से वंचित रह गए थे. यही कारण है कि आम की खेती वाले किसानों के चेहरे पर काफी ज्यादा खुशहाली है.

मजदूर करते हैं रखवाली

चूंकि जिले में आम की काफी अच्छी खेती हो रही है इसीलिए यहां के किसान और कारोबारी दोनों ही काफी ज्यादा खुश हैं और वह खेती को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नजर नहीं आ रहे हैं. शहर के आसपास की बात करें तो जुरगुम, नीमगांव, मनोरा, सन्ना, आस्ता, कुनकुरी आदि जगह पर आम के बगीचे है. पेड़ों को नुकसान न हो उसके लिए मजदूरों को रखा गया है और आम के पेड़ों की निगरानी की जा रही है. पक्षियों को दूर रखने के लिए मजदूर रखे गए है ताकि खेतों को नुकसान न हो.

आम का रकबा बढ़ा

यहां पर देसी के अलावा हाईब्रीड के आम जैसे कि चौसा, लगड़ा, दसहरी, फजहील, हिमसागर, गुलाबखास, बाबे ग्रीन जैसी उन्नत प्रजातियों के आमों का बेहतर उत्पादन होता है. देसी आमों की खपत केवल स्थानीय बाजारों में ही हो पाती है. उच्च प्रजाति के आम, किसान अन्य क्षेत्रों में उगाने का कार्य यहां कर रहे है. अच्छे उत्पादन से आम के रकबे में बढ़ोतरी हो रही है और मौसम के साफ रहने पर रकबे के बढ़ने की संभावना है.

मौसम पर निर्भर है फसल

किसान रोहित का कहना है कि हाईब्रिड और देसी आम के पेड़ों में इस साल अच्छी बौर होने के कारण इस बार उन्हें अच्छी आम की पैदावार होने की उम्मीद है. यदि आगे भी मौसम अच्छा रहा तो पैदावर बेहतर ही होगी. उद्यानिकी सहायक संचालक का कहना है कि किसानों को बौर में लगने वाले फंगस से बचाने के लिए घुलनशील द्रव केआम छिड़काव का भी सुझाव दिया जाता है.

English Summary: This time expect better yields of mangoes
Published on: 01 March 2019, 05:24 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now