Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 29 May, 2020 1:52 PM IST

जून से अगस्त तक का महीना करेले की खेती के लिए लाभदायक है. आज हम आपको करेले की एक ऐसी संकर किस्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मधुमेह की बीमारी को नियंत्रित करने में सक्षम है. इतना ही नहीं इस नई किस्म के सहारे किसान भाई अपनी उपज 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं. इसका नाम पूसा हाईब्रिड -4 रखा गया है.

15 दिन पहले लगते हैं फल

इस करेले की खास बात यह है कि इसको अधिक रखरखाव की जरूरत नहीं पड़ती. कम लागत में भी इसकी खेती आसानी से हो सकती है. औषधीय गुणों से भरपूर ये आम करेले के मुकाबले 15 से 18 दिन पहले उगने में सक्षम है.

हर तरह की मिट्टी के लिए उपयुक्त

गहरे हरे रंग की दिखने वाली इस नई किस्म के करेले मध्यम लम्बाई और आकार में मोटे हैं, जिनका औसत वजन 60 ग्राम तक का है. इसकी खेती के लिए लगभग हर तरह की मिट्टी उपयुक्त है. हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक दोमट मिटटी पर परिणाम अधिक बेहतर आने की संभावना है. आर्द्र जलवायु इसके विकास में सहायक है.

सिंचाई

इस किस्म को गर्मियों के मौसम में प्रत्येक सप्ताह एक बार सिंचाई की जरूरत पड़ती है, वहीं बरसात में विशेष सिंचाई की जरूरत नहीं होती.

सेहत के लिए अधिक लाभकारी

इस नई किस्म के करेले ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक हैं. वहीं डायबीटीज की समस्या में भी इनके सेवन से फायदा होता है. स्किन संबंधी बीमारियों और पीलिया, गठिया और मुंह के छालों में भी इसके सेवन से आराम मिलता है. पूसा हाईब्रिड-4 को आंखों के लिए भी अधिक फायदेमंद माना गया है, इसमें पाया जाने वाला बीटा-कैरोटिन आंखों से संबंधित बीमारियों को कम करने में सहायक है.

(आपको हमारी खबर कैसी लगी? इस बारे में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें. इसी तरह अगर आप पशुपालन, किसानी, सरकारी योजनाओं आदि के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो वो भी बताएं. आपके हर संभव सवाल का जवाब कृषि जागरण देने की कोशिश करेगा)

English Summary: this new variety of bitter gourd will give 30 percent more production to farmers know more about this new variety
Published on: 29 May 2020, 01:55 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now