Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 29 October, 2023 1:47 PM IST
पालक की उन्नत किस्में

सर्दियों की शुरुआत होते ही सबसे ज्यादा जो चीजें खाई जाने वाली होती हैं उनमें हरी सब्जियों का नाम सबसे पहले आता है. इनमें सोया-मेथी, पालक, बथुआ और सरसों का साग सबसे ख़ास होता है. इन्हीं में से आज हम आपको पालक की कुछ ख़ास किस्मों के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल किसान पालक की खेती ज्यादा मांग के चलते भी करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार पालक में सबसे ज्यादा आयरन की मात्रा होती है. जो हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन को संयमित करने में मदद करती है.

इसी के चलते लोगों में इस सब्जी की सबसे ज्यादा मांग रहती है. इसकी उन्नत किस्मों में आज हम आपको सम्पूर्ण हरा, पूसा हरित, पूसा ज्योति, जोबनेर ग्रीन और हिसार सेलेक्शन-23 के बारे में जानकारी देंगे.

सम्पूर्ण हरा

पालक की इस किस्म के पौधे एक समान हरे रंग के होते हैं. 5 से 20 दिन के अंतराल पर इसकी पत्तियाँ मुलायम होकर कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. इसकी कटाई 6 से 7 बार की जा सकती है. पालक की यह उन्नत किस्म अधिक उपज देती है तथा ठंड के मौसम में लगभग ढाई माह बाद बीज व डंठल आते हैं.

पूसा हरित

पालक की यह उन्नत किस्म पहाड़ी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है और इसे यहाँ पूरे वर्ष उगाया जा सकता है. इसके पौधे ऊपर की ओर बढ़ते हैं और पत्तियों का रंग गहरा हरा होता है. इसके पत्ते बड़े आकार के होते हैं. इस किस्म की खासियत यह है कि इसे कई तरह की जलवायु में उगाया जा सकता है और इसकी खेती अम्लीय मिट्टी में भी की जा सकती है.

पूसा ज्योति

यह पालक की एक और उन्नत किस्म है, जिसकी पत्तियाँ बहुत मुलायम और बिना रेशे वाली होती हैं. इस किस्म के पौधे तेजी से बढ़ते हैं और पत्तियां कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं, जिससे उपज अधिक होती है.

जोबनेर ग्रीन

इस किस्म की खासियत यह है कि इसे अम्लीय मिट्टी में भी उगाया जा सकता है. पालक की इस किस्म की सभी पत्तियाँ एक समान हरी, मोटी, मुलायम और रसदार होती हैं। इसकी पत्तियाँ पकाने पर आसानी से गल जाती हैं.

यह भी देखें: कार्बन क्रेडिट फार्मिंग क्या है? Carbon Credit फार्मिंग से किसान को क्या फायदा मिलता है, यहां जानें सबकुछ

हिसार सेलेक्शन-23

इसके पत्ते बड़े, गहरे हरे रंग के, मोटे, रसीले और मुलायम होते हैं. यह कम अवधि वाली किस्म है. इसकी पहली कटाई बुआई के 30 दिन बाद शुरू की जा सकती है और 15 दिन के अंतराल पर 6 से 8 कटाई आसानी से की जा सकती है.

English Summary: palak varieties these varieties of spinach give more profits to the farmers, there is tremendous demand in winter
Published on: 29 October 2023, 01:54 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now