Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 3 October, 2023 6:47 PM IST
geraniums cultivation

Perfume farming: वर्तमान समय में किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर नई फसलों का उत्पादन कर रहे है. किसान अब गेहूं-धान जैसी फसलों पर निर्भर न होकर नगदी फसलों पर ध्यान दे रहे है. इससे उन्हें समय की बचत के साथ-साथ कम लागत में अधिक मुनाफा मिल जाता है. ऐसे ही एक किसान के बारे में आज हम बताने जा रहे है, जिन्होंने पारंपरिक खेती छोड़कर परफ्यूम फार्मिंग शुरू कर लाखों की कमाई कर रहे है. 

ये कहानी है रोहित मुले की जो महाराष्ट्र के सांगली में कवलपुर गांव के रहने वाले है. तीन साल पहले वे भी आम किसानों की तरह ज्वार, अंगूर की खेती करते थे. लेकिन बाढ़, ओलावृष्टि और विभिन्न कारणों से कई बार फसल में नुकसान उठाना पड़ता था. ऐसे में उन्होंने कुछ अलग करने की सोची और कई स्थानों की यात्रा के साथ-साथ विभिन्न तरीकों की फॉर्मिंग के बारे में जानकारी जुटाई. इस दौरान उनका ध्यान जिरेनियम पर गया. उन्हें पता चला कि जिरेनियम, लैवेंडर और लेमन ग्रास की तरह परफ्यूम प्लांट है. इन सभी पौधों की पत्तियों से निकलने वाले तेल का इस्तेमाल इशेंसियल ऑयल्स और परफ्यूम आदि में होता है और इस खेती से उन्हें अधिक मुनाफा मिल सकता है. फिर क्या था उन्होंने जिरेनियम खेती को करने की ठान ली. 

5 एकड़ में शुरू की जिरेनियम की खेती

रोहित ने पांच एकड़ की जमीन पर जिरेनियम की खेती शुरू की. इस दौरान उन्होंने बताया कि  जिरेनियम की खेती बीज से नहीं बल्कि कटिंग से की जाती है. जिरेनियम के शूट्स को नर्सरी में नए पौधे तैयार करने के लिए इस्तेमाल करते हैं.

इसे भी पढ़ें- इस फसल की खेती से मालामाल होंगे किसान, 14 हजार रुपए तक बिकता है सिर्फ 1 लीटर तेल

जिरेनियम के लिए सही तापमान

रोहित ने बताया कि जिरेनियम की खेती के लिए सामान्य तापमान 30-35 डिग्री होना चाहिए. ऐसे तापमान में आसानी से जिरेनियम की खेती की जा सकती है. एक एकड़ में जिरेनियम के 12000 पौधे लगाए जाते हैं. इसके अलावा, जिरेनियम की सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन सिस्टम होना चाहिए.

 

चार महीने में मिल जाएगी पहली फसल

रोहित ने बताया कि जिरेनियम की खेती करने पर आपको पहली फसल साढ़े चार महीने बाद ही प्राप्त हो जाती है. इस खेती को करने में पहली बार पौधों समेत इरीगेशन सिस्टम, खरपतवार व लेबर की लागत 1 लाख 20 हजार हो सकती है. वर्तमान में एक किलो जिरेनियम तेल की कीमत लगभग साढ़े आठ हजार रुपये है. एक एकड़ से एक बार में 14 से 15 किलो तेल मिल जाता है. इससे आप पहली लागत वसूल कर सकते है.

तीन साल तक चलता है जिरेनियम का पौधा

रोहित ने बताया कि जिरेनियम खेती की पहली कटिंग के बाद हर साढ़े तीन महीने में इसकी फसल प्राप्त कर सकते है. इसके पौधे तीन साल तक रहते है. इस तरह से हर तीन महीने में वह लाखों की कमाई कर लेते है. उनका कहना है कि खेती से 150 किलो जिरेनियम का तेल मिलता है जिसकी कमाई 12 लाख रुपये होती है. 

English Summary: Leaving traditional farming and cultivating geraniums and earn more money
Published on: 03 October 2023, 06:56 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now