Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 16 November, 2019 6:40 PM IST

संतरे की खेती को तेजी से बढ़ावा देने के लिए त्रिपुरा सरकार राज्य के किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है. राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि राज्य सरकार ने 200 किसान परिवारों में से प्रत्येक को कुल 15000 रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है. इसका उद्देश्य है कि पश्चिम में स्थित बारामुरा पहाड़ी क्षेत्र में संतरे का उत्पादन बढ़ाया जा सकें.

संतरे की फसल को उगाया

त्रिपुरा राज्य के अलग-अलग भागों में संतरे की खेती को बढ़ावा दे रही है. संतरे की खेती के लिए राज्य के विभिन्न भागों में जलवायु स्थिति के अनुकूल है. उन्होंने बताया कि पहली बार में पश्चिम त्रिपुरा जिले के बारामुरा पहाड़ी क्षेत्र में 500 हेक्टेयर भूमि में संतरे की फसल को लगाया है.

संतरे की उत्पादकता घटी

उन्होंने एक हेक्टेयर भूमि में कुल 80 हजार संतरे के पेड़ों को लगाने का कार्य किया है. अतः बरामुरा पहाड़ी क्षेत्र में 500 हेक्टेयर भूमि में 40, 000, 000 संतरे के पेड़ लगाए है, उन्होंने बताया कि पहले संतरे की खेती केवल जम्मुई में की जाती थी जो कि उत्तर त्रिपुरा जिले की पाहडियों पर स्थित है. वह कहते है कि यहां की पहाड़ियों में संतरे की उत्पादकता काफी ज्यादा कम हो गई है. इसकी खेती में कमी आई है. किसान दूसरी फसलों जिनसें फसलों की आय ज्यादा हो रही है. जैसे कॉफी, बीट्स नटस और अदरक की खेती को वहां बढ़ावा दे रहे है.

सुधरेगा उत्पादन          

राज्य के बागवानी के अधिकारियों का कहना है कि उत्तर त्रिपुरा जिले की जम्मुई पहाड़ी क्षेत्र में पहले 12000 हेक्टेयर भूमि में संतरे का उत्पादन होता था. जो कि अब घटकर केवल 492 हेक्टेयर ही रह गया है. अधिकारियों को उममीद है कि आने वाले दिनों में संतरे का उत्पादन तेजी से बढ़ सकता है.

English Summary: Grant will be given for cultivating oranges in Tripura, farmers will benefit
Published on: 16 November 2019, 06:43 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now