Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 21 June, 2022 3:54 PM IST
डिजिटल के माध्यम से खेती हुई आसान

देश में डिजिटलकरण के आ जाने से कई कार्यों को करना आसान हो गया है. इस डिजिटल का फायदा देश के किसान भाइयों को भी पहुंच रहा है, जिससे किसान अपने घर बैठे खेती-बाड़ी (Agriculture) से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर रहे हैं.

किसानों की मदद के लिए भारत सरकार ने भी कई बेहतरीन मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं, ताकि वह सरलता से खेती की नई तकनीक, वैज्ञानिक तरीके, मौसम आधारित खेती, विशेषज्ञों की सलाह आदि सुविधाएं प्राप्त हो सके. यह सभी मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर (Google play store) पर बिना किसी चार्ज से आप आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं. तो आइए इस लेख में ऐसे ही कुछ ऐप के बारे में जानते हैं, जिनकी मदद से किसान खेती में इस्तेमाल कर सकते हैं...

पूसा कृषि  (pusa agriculture app)

सरकार ने किसानों के लिए ICAR_IARI यानी पूसा संस्थान ने पूसा कृषि मोबाइल ऐप (Pusa Krishi Mobile App) लॉन्च किया है. इस ऐप की सहायता से किसान बीजों की नई किस्मों और खेती की नई तकनीकों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं. इसके अलावा ऐप की मदद से मौसम आधारित खेती व अन्य खेती के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

पशु पोषण ऐप (animal nutrition app)

इस ऐप को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (National Dairy Development Board) द्वारा लॉन्च किया गया है. इस ऐप में पशुओं से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है. जैसे कि पशुओं की उम्र, दूध उत्पादन, दूध वसा, और दूध की खपत, पशुओं के पोषण और आहार की जानकारी प्राप्त होती है. इस ऐप में पशुओं के भोजन का भी सही समय बताया गया है. इस ऐप की मदद से पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के साथ दूध उत्पादन में सहायता मिलती है.

ई-नाम ऐप (E-Nam app)

इस ऐप का नाम तो आप सब लोगों ने सुना ही होगा. यह एक इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल है, जिसमें सीधे किसानों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जाता है. इस ऐप की मदद से किसान अपने घर बैठे फसलों की बोली लगाकर मनचाहे भाव पर ऑनलाइन बाजार में बेच सकते हैं.

आज के समय में ई-नाम ऐप से देश के कई किसान भाई जुड़े हुए हैं, जो अपनी फसल की लेन-देन ऑनलाइन तरीके से करके लाभ उठा रहे हैं. इस ऐप के जरिए किसानों की फसल की सही कीमत मिलती है और भुगतान का पैसा सीधे बैंक खाते में सरलता से चले जाते हैं.

English Summary: Farming made easy through these mobile apps
Published on: 21 June 2022, 04:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now