Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 12 October, 2021 2:30 AM IST
Clove Cultivation

आज हम अपने लेख में एक ऐसी फसल की जानकारी देने जा रहे हैं, जिसकी खेती कर किसान भाई अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. हम लौंग की खेती (Clove Cultivation ) की बात कर रहे हैं. लौंग का उपयोग खाना बनाने से लेकर कई बीमारियों का इलाज करने में होता है. इसके अलावा लौंग का उपयोग पूजा–पाठ में मुख्य रूप से किया जाता है

लौंग में बहुत सारे पौष्टिक तत्व (Nutrients) पाए जाते हैं, जैसे पोटेशियम, सोडियम, फास्फोरस, आयरन, फायबर, विटामिन–सी,  विटामिन-के,  ओमेगा- 3, फैटी एसिड्स एवं कैल्सियम आदि की प्रचुर मात्रा में पाई जाती है. ऐसे में इसकी काफी मांग बढ़ जाती है, इसलिए किसान इसकी खेती में काफी रुचि ले रहे हैं. बता दें कि इसकी खेती देश के कई राज्यों में की जाती है. इस खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार लगने के बाद कई वर्षों तक पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. आइए लौंग की खेती के बारे में जानते हैं.

लौंग की खेती के लिए जरुरी बातें (Important things for clove cultivation)

किसान भाईयों को लौंग की खेती करते समय नीचे दी गई बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

  • लौंग की खेती के लिए बलुई मिट्टी अच्छी मानी जाती है.

  • मिटटी में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.

  • लौंग की खेती के लिए 10 डिग्री तापमान उचित माना जाता है.

  • खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु उचित मानी जाती है.

  • पौधे अधिक वर्षा और गर्म मौसम को सहन नहीं कर पाते हैं.

  • लौंग की खेती में 4 से 5 साल तक सिंचाई करने की आवश्यकता होती है.

  • इसके बाद नियमित समय से सिंचाई करते रहें, ताकि इसमें पानी की कमी ना हो.

  • जब लौंग का पौधा 4 से 5 वर्ष पुराना हो जाएगा, तब इसमें फल और फूल आना शुरू हो जाएंगे.

English Summary: earn more profit by cultivating cloves
Published on: 12 October 2021, 03:06 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now