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Updated on: 18 May, 2024 4:44 PM IST
काला मक्का की खेती से किसानों की होगी मोटी कमाई

Black Corn Cultivation: मक्का की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, मक्का की बेवी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती के किसानों के बीच काफी लोकप्रिय होती जा रही है. अब जायद सीजन की फसलों का बुवाई का समय चल रहा है और ऐसे में किसान अच्छी कमाई के लिए काली मक्का की खेती (Black Corn Cultivation) कर सकते हैं. इस फसल की खासियत है कि, इसे तैयार होने में महज 90 से 95 दिनों का समय लगता है और इसका उत्पादन भी अन्य फसलों से ज्यादा है. भारत में काले मक्के के एक भुट्टे की कीमत लगभग 200 रुपये के आस-पास होती है.

कृषि जागरण के इस आर्टिकल में आज हम आपको काली मक्का की खेती कैसे करें और कितना मुनाफा होगा इसकी जानकारी देने जा रहे हैं.

काला मक्का की खासियत क्या है?

भारत में कई सालों से देशी मक्का की किस्मों पर शोध करके छिंदवाड़ा के कृषि अनुसंधान केंद्र में काला यानी रंगीन मक्के पर रिसर्च किया गया है. काला मक्का की खास बात यह है कि इसमें काफी अच्छी मात्रा में जिंक, कॉपर और आयरन है, जो कुपोषण से लड़ने में कारगर साबित होता है. कृषि वैज्ञानिकों ने मक्का की इस नई प्रजाति जवाहर मक्का 1014 को विकसित किया है. काला मक्का का उपयोग स्वस्थ उत्पादों में किया जा सकता है. बता दें, यह मक्का की ये पहली किस्म है, जो न्यूट्रीरिच और बायो फोर्टिफाइड है. मक्का के दानों का रंग आमतौर पर पीला होता है, लेकिन इस नई प्रजाति का रंग काला, लाल और कत्थई है.

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कैसे करें काला मक्का की खेती?

मक्का की इस नई किस्म को पककर तैयार होने में 95 से 97 दिनों का समय लगता है. किसान प्रति एकड़ में इसके 8 किलो बीज लगाकर लगभग 26 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. काला मक्का के रेशे आने में करीब 50 दिनों का समय लगता है. काला मक्का की खेती के लिए अधिक गर्म मौसम उपयुक्त माना जाता है. इसके पौंधे में भुट्टा तैयार होने पर इसे अधिक पानी देने की जरुरत होती है. इस किस्म के मक्का की खेती कतार में की जाती है, इसके एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी लगभग 60 से 75 सेमी रखनी चाहिए. काला मक्का तना छेदक रोग के प्रति सहनशील है. वर्षा आधारित खासकर पठारी क्षेत्रों के लिए यह किस्म बेहद उपयुक्त है.

काला मक्का से होगी मोटी कमाई

मंडियों में सफेद व लाल मक्का का औसत भाव लगभग 2050 से 2700 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है. जायद सीजन में काला मक्का की बुवाई की जाती है, जिसे तैयार होने में मात्र 90 से 95 दिनों का वक्त लगता है. मक्का की इस नई किस्म में आयरन, कॉपर और जिंक बरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो कुपोषण से लड़ने में मदद करते हैं. काला मक्का का भुट्टा बाजार में महंगे दामों पर मिलता है, ऑनलाइन वेबसाइटों पर इसके एक भुट्टा की कीमत 200 रुपये है. सामान्य मक्का की तुलना में काला मक्का का भाव हमेशा अधिक मिलता है. काला मक्का की खेती भारत में बहुत कम किसान करते हैं.

English Summary: black maize cultivation farmers earn huge income one corn cost 200 rupees
Published on: 18 May 2024, 04:47 PM IST

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