Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 2 October, 2023 5:28 PM IST
shahi litchi .

बिहार के मुजफ्फपुर की शाही लीची पूरी दुनियां में काफी मशहूर है. इसका स्वाद कई लोगों को अपनी तरफ आकर्ष‍ित करता है.  अपने स्वाद और सुगंध के कारण बिहार के मुजफ्फपुर की शाही लीची देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी मशहूर है और इसकी काफी डिमांड है. इस लीची की खासियत यह है कि इसकी मिठास के साथ-साथ यह अन्य लीची की अपेक्षा काफी ज्यादा गुद्देदार भी होती है.

 इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर की पहचान शाही लीची ने एक उपलब्ध‍ि दर्ज की है. अब भारतीय डाक विभाग ने मुजफ्फरपुर की शाही लीची पर डाक टिकट जारी क‍िया है. साथ ही साथ शाही लीची को GI tag भी मिला है.

क्यों है खास बिहार के मुजफ्फरपुर की लीची

बिहार के मुजफ्फरपुर की लीची अपने रसीले स्वाद और सुगंध के लिए काफी ही मशहूर है. ये लीची गुद्देदार होता है साथ ही स्वादिष्ट और रसीला होता है. शाही लीची अन्य लीचियों की अपेक्षा थोड़ी बड़ी होती है. साथ ही इसका स्वाद काफी ही मीठा होता होता है. जो लोगों को काफी आर्कषित करता है.

बिहार की लीची का सप्लाई पूरे देश में

लीची के सीजन में बिहार के शाही लीची की डिमांड पूरे देश में दिन- प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. अब तो बिहार के शाही लीची की खेप मुंबई,दिल्ली जैसे बड़े शहरों में पहुंचने लगी है. धीरे- धीरे इसकी डिमांड अन्य राज्यों से भी होने लगी है.

इसे भी पढ़ें : अद्भुत धरोहर है बिहार की मंजूषा पेंटिंग, जीआई टैग मिलने के बाद बाजार में है भारी मांग, जानें पहचान और विशेषताएं

लीची की खेती से किसानों को बेताहाशा लाभ

बिहार में लगभग 37,000 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 3.08 लाख मीट्रिक टन लीची का उत्पादन होता प्रत्येक साल होता है, जो पूरे देश में उत्पादित लीची का 42 प्रतिशत है. राज्य में लीची का उत्पादन करीब 26 जिलों में होता है, जबकि बुढ़ी गंडक के किनारे वाले मुजफ्फरपुर एवं आस-पास के क्षेत्रों में नमी की स्थिति एवं कैल्शियम की अच्छी मात्रा वाली जलोढ़ मिट्टी होने के कारण इन क्षेत्रों में लीची का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन सर्वाधिक है. साथ ही इस यहां की लीची काफी ही उत्तम प्रकार की होती है.

 लीची की डिमांड इतना बढ़ रहा है कि इससे किसानों को काफी फायदा मिलता है, शाही लीची की खेती से फलों की रानी” कही जाने वाली शाही लीची  उन्‍नत और महंगी किस्म से किसानों को काफी फायदा मिलेगा.

English Summary: bihar shahi litchi shelf life increased in many days shahi litchi taste reach in other stat
Published on: 02 October 2023, 05:43 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now