RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 29 May, 2019 12:17 PM IST

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने शाही लीची समेत अन्य कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और किसानों की आय को दुगनी करने की दिशा में पहल को शुरू कर दिया है. इसके लिए मुजफ्फरनगर समेत देश के अन्य जिलों में एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर को खोलने का कार्य शुरू किया जाएगा. इस सेंटर में किसानों के उत्पाद से जुड़ी सारी व्यवसथाएं होंगी. इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देशभर के किसान संगठनों की बैठक को बुलाया है. यहां 7 जून को गुरूग्राम स्थित राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के सभागार में आयोजित होने वाली बैठक में विभिन्न संगठन के अध्यक्षों से तेजी से सुझाव भी मांगा गया है. कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार ने देश के कृषि से जुड़े उन सभी अध्यक्षों को अपना पत्र लिखकर सुझाव बैठक पूर्व भेजने का अनुरोध किया है।

कलस्टर प्रोग्राम किया तैयार

दरअसल केंद्रीय कृषि मंत्रालय उत्पादों को उचित मूल्य  दिलाने के लिए एक कल्सटर प्रोग्राम तैयार किया है. इसके तहत कलस्टर विकास का उद्देशय व समग्र विकास है, इसके तहत विपणन, निर्यात संवर्धन, कौशल उन्नयन, बुनियादी ढांचा आदि को विकसित करना प्रमुख उद्देश्य है. मंत्रालय ने  औद्योगिक संपदाओं के साथ-साथ प्राकृतिक समूहों को भी कवर करने के लिए डिजाइन को तैयार करने का कार्य किया गया है. बागवानी व्यवसाय कल्स्टर और आपूर्ति श्रृखंला विकास नामक इस तरह की योजना में मंत्रालय ने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम को तैयार किया है.

कृषि उपकरणों की बैंक की मांग

बिहार के मुजफ्फरपुर की लीची पूरी ही दुनिया में मशहूर है. लेकिन बाजार नहीं होने के चलते प्रसंस्करण की पूरी सुविधा नहीं होने और परिवहन के लिए रेलवे का सहयोग नहीं होना व्यापार को चौपट कर रहा है. उन्होंने कृषि मंत्रालय को भेजे सुझाव में कृषि उत्पादों से संबंधित उपकरण  का बैंक बनाने की बात कही है, जहां से किसान अपनी जरूरत के अनुसार इन उपकरणों को किराये पर लेकर काम करेंगे।

English Summary: Cluster to be made soon for Bihar's litchi
Published on: 29 May 2019, 12:20 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now