Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 19 February, 2021 5:02 PM IST
पिता के मामूली किराना दुकान को बनाया स्मार्ट स्टोर

कहते हैं कि संर्घष की शक्ति से वक्त को बदला जा सकता है. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहने वाले वैभव अग्रवाल ने इस बात को सच कर दिखाया है. वैभव को अपने पिता संजय अग्रवाल से जो किराने की दुकान विरासत में मिली, वो 10X20 स्क्वैयर फीट की थी. इस दुकान को अपनी मेहनत के बदौलत उन्होंने नए कामयाब स्टार्टअप का रूप दे दिया. आज वो 100 से अधिक किराना स्टोर्स को स्मार्ट स्टोर बना चुके हैं. अपने स्टार्टअप का नाम उन्होंने ‘द किराना स्टोर कंपनी’ रखा है और इस काम से वो 5 करोड़ रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं.

रिटेल मार्केटिंग का अनुभव काम आया

वैभव के अनुसार उनके पिता का सहारनपुर में ही ‘कमला स्टोर’ के नाम से किराने का दुकान था. 2013 तक वो इसी दुकान में पिता की सहायता करते रहे और फिर कॉलेज कैम्पस प्लेटसमेंट के जरिए मैसूर चले गए. वहां उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में रिटेल मार्केटिंग का तरीका सीखा. करीब एक साल तक वो रिटेल मार्केटिंग पर अपनी शोध करते रहे और प्रोडक्ट मिक्स तकनीक को गहराई से समझा. रिटेल मैनेजर के पद पर रहते हुए उन्होंने पाया कि हर 1 किलोमीटर की दूरी पर कैसे प्रोडक्ट का टेस्ट, मांग, सप्लाई और यहां तक की प्रेजेन्टेशन और पैकेजिंग तक में अंतर आ जाता है.

बिज़नेस मैनेजमेंट से मास्टर्स किया

इस काम को और अधिक अच्छे ढ़ंग से जानने के लिए 2015 में वैभव में ने दिल्ली में बिज़नेस मैनेजमेंट से मास्टर्स किया. यहां एकेडेमिक्स और फैकल्टी की मदद से वो रिटेल मार्केटिंग पर शोध करते रहे. अपनी गहन साधना को पूरा करने के बाद 2018 में वो एक बार फिर अपने पिता की दुकान पर आए.

वैभव ने ग्रॉसरी स्टोर के हर चीज में बदलाव किया तो शुरू में लोग हंसे, अपने स्टोर पर वो नए उत्पाद को लाए, उत्पादों को रखने का तरीका बदला, घाटे वाले उत्पादों को हटाया, महंगे उत्पादों के बदले उनके सस्ते विकल्प उत्पाद लेकर आए. स्टोर में नए तरीके से लाइटिंग, पेंटिंग की गई.  आखिरकार उनकी मेहनत पर ग्राहकों का ध्यान जाने लगा और ग्राहकों की संख्या अचानक बढ़ने लगी.

हुआ 5 करोड़ का मुनाफा

एक ही साल के अंदर वैभव को अपने दुकान से 8 गुणा अधिक मुनाफा हुआ. उसके बाद तो वो एक के बाद एक पुराने स्टोर की काया पलटने लगे. उनकी नई सोच से एक तरप किराना मालिकों को ऊंचे दाम और अच्छा मुनाफा मिल रहा है वहीं ग्राहकों को भी प्रोडक्ट्स लेने में सुविधाएं हो रही है. इस साल के मार्च 2020-21 तक के मुनाफे को जोड़ दिया जाए, तो वैभव ने 5 करोड़ रुपए तक का प्रोफिट कमाया है.

English Summary: vaibhav convert kirana store intro smart store and established into 5 Cr Startup
Published on: 19 February 2021, 05:03 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now