Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 5 June, 2023 5:25 PM IST

सफलता की कहानी: पंजाब के एक प्रगतिशील किसान प्रीतपाल सिंह पुत्र जसवंत सिंह निवासी गुरदासपुर में अपनी पैतृक भूमि को सफल बनाने के लिए नए विधि से खेती कर रहे हैं. इसके साथ ही वह अन्य सहायक व्यवसायों के माध्यम से अपने परिवार के साथ अच्छा जीवन यापन कर रहे हैं. वह सहायक व्यवसाय से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं और साथ ही अपने आसपास के किसानों के बीच यह व्यवसाय चर्चा का विषय बना हुआ है.

किसान प्रीतपाल सिंह के पास कुल ढाई एकड़ जमीन है. वह अपने इस खेत में बासमती गन्ना और गेहूं की खेती करते हैं और इसके साथ-साथ पशुपालन भी करते हैं. पशुपालन व्यवसाय में इनके पास अच्छी गुणवत्ता वाली कुल 25 गायें हैंजिसके कारण यह अपने क्षेत्र में दूध के एक अच्छे उत्पादक बन गए हैं. किसान प्रीतपाल सिंह का कहना है कि वह रोजाना ढाई से तीन क्विंटल दूध बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

किसान प्रीतपाल सिंह ने बताया कि वह पशुपालन के साथ-साथ मधुमक्खी पालन का सहायक व्यवसाय अपनाकर अच्छी गुणवत्ता वाले शहद का उत्पादन भी कर रहे हैं. कृषि के साथ-साथ मधुमक्खी पालन एक बहुत ही लाभदायक व्यवसाय हैजिसमें लागत भी कम आती है और किसान को लाभ भी अधिक होता है.

ये भी पढ़ें: Natural Farming: प्राकृतिक खेती के लिए किसानों को मिलेंगे 5 हजार रुपए, साथ में मिलेगा प्रशिक्षण

किसान प्रीतपाल सिंह ने बताया कि वह सालाना 3 क्विंटल शहद पैदा करते हैंजिसे वह 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचते हैं. मधुमक्खी पालन का सहायक व्यवसाय कृषि में भी फायदेमंद साबित होता है क्योंकि मधुमक्खियां विभिन्न फसलों से पराग एकत्र करती हैंजिससे फसलों के क्रॉस परागण में मदद मिलती हैजिससे कृषि फसलों की उपज में भी वृद्धि होती है. आज किसान प्रितपाल सिंह अपने जिले के अन्य किसानों के लिए एक अच्छे संरक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाते हुए सहायक व्यवसायों की मदद से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं.

English Summary: Pritpal Singh of Punjab adopted subsidiary business with farming, became role model for people
Published on: 05 June 2023, 05:35 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now