Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 29 April, 2020 5:59 PM IST

कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन की वजह से घरों में कैद हैं. इस बार का गर्मी का मौसम लॉकडाउन में ही बीत रहा है. गर्मियों के मौसम में लोग खरबूज, तरबूज, ककड़ी और खीरा जैसे ठंडक देने वाले फल और सब्जी का सेवन करते हैं. लेकिन इस बार तरबूज का एक अलग फ्लेवर मिलने वाला है. आमतौर पर तरबूज काटने के बाद लाल रंग का होता है और उसका स्वाद मीठा होता है लेकिन इस बार मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के किसानों ने विशेष तरह का तरबूज उगाया है जो काटने के बाद अंदर से पीले रंग का होता है. इसका स्वाद मीठा होने के  साथ-साथ थोड़ा पाइनएप्पल के फ्लेवर का है.

बता दें, मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के एक प्रगतिशील किसान श्याम पवार ने तरबूज की किस्म तैयार की है, जो अन्य तरबूज की तुलना में भिन्न है. उनके द्वारा उगाये गए तरबूज की पहली किस्म लाल और अत्याधिक मिठास वाली है और वहीं दूसरी पीली और पाइनएप्पल के स्वाद की मिठास वाली है.

बता दें कि मध्य प्रदेश के प्रगतिशील किसान श्याम पवार पिछले वर्ष से ही इस प्रजाति के तरबूज की बुवाई कर रहें हैं जो तरबूज की अन्य प्रजातियों से अलग है. उन्होंने इस बार 5 एकड़ के जमीन पर तरबूज उगाया है जो स्वाद में अन्नानास के जैसा स्वाद होता है. उनका मानना है अब इस प्रकार के तरबूज की मांग बाजार में बढ़ती जा रही है.

उनके द्वारा तैयार की गई तरबूज की फसल बाजार में आने के बाद चर्चा का विषय बन गई है. हर कोई उसकी खरीद करने को तैयार है क्योंकि इसका स्वाद बेहद अलग है. किसान श्याम पवार कहते हैं  कि उन्होंने दूसरे साल तरबूज की खेती की है. इस बार उन्होंने तरबूज की तीन किस्म की खेती की है जिसमें आरोही, सरस्वती और मेलोडी शामिल हैं.

सोर्स: आजतक

English Summary: Millions of profits in melon with no red pineapple flavor: Progressive farmer Shyam Pawar
Published on: 29 April 2020, 06:02 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now