Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 23 July, 2019 3:55 PM IST

सदियों से अचार खान-पान के रूप में हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है. भारत के अलग-अलग प्रदेशों में इसे बनाने के अलग-अलग तरीके हैं. खाने में छोटी सी जगह रखने वाली सामग्री अचार भोजन को कई गुणा ज्यादा स्वादिष्ट बनाने की क्षमता रखता है. शायद यही कारण है कि अचार मेकिंग बिजनेस आज़ के समय में सबसे तेज़ी से फैलने वाला व्यापार बनता जा रहा है. चलिए आज़ हम आपको बतातें हैं कि कम लागत में अधिक से अधिक मुनाफा आप अचार बनाकर कैसे कमा सकते हैं -

इस काम को शुरू करने के लिए आपके पास लगभग 800 वर्गफुट की जगह उपल्बध होनी चाहिए, जिसका मतलब यह है कि अगर आप चाहें तो यह काम अपने घर में भी शुरू कर सकतें हैं. बस ध्यान रहे कि अचार को बनाने, सुखाने  और पैक करने के लिए जिस जगह को आप चुनाव कर रहे हो, वह सवच्छ हो और वहां आम लोगों का आना-जाना कम से कम हो.

वहीं अगर कच्चे माल की बात करें अचार मुख्य तौर पर ताजे फलों या सब्जियों जैसे आम, अमड़ा, गाजर, शिमला मिर्च, मूली, लहसुन, कटहल, मिर्च, निम्बू, अदरख, करेला आदि से बनाएं जाते हैं. वहीं अन्य सामान में सरसों तेल, मसाले, सिरका आदि चाहिए. वैसे अचार शिशे के जार चिकनी मिट्टी के बर्तनों में अधिक सुरक्षित रहता है, तो अगर आपका बजट ठीक -ठाक है तो आप यह भी खरीद सकते हैं.

कितना लागत, कितना मुनाफा ?

इस काम को आप छोटी लागत के साथ कुछ 25 से 35 हज़ार तक के पैसों में शुरू कर सकते हैं. अगर मुनाफे की बात करें तो सोरे खर्चों को निकालने के बाद भी 35 से 45 हज़ार तक रूपया आप कमा सकते हैं.

यहां से मिलेंगें ग्राहक

आज़ के भागम भाग जिंदगी में हर कोई व्यस्त है और इस कारण जगह-जगह होटल, रेस्टोरेंट, जनरल स्टेर, कैंटीन, ढ़ाबा आदि खुल गए हैं. आप अपने अचार को बेचने के लिए इन जगहों पर संपर्क कर सकते हैं. इन जगहों पर क्योंकि अचार की खपत दैनिक होती है, इसलिए आपका माल धड़ाधड़ बिकने की उम्मीद है.

English Summary: lots of opportunities in pickles industry
Published on: 23 July 2019, 04:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now