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Updated on: 19 February, 2026 5:11 PM IST
रमजान के महीने में क्या करें और क्या न करें (Image Source-AI generate)

भारत में पाक महीने रमजान की आज से शुरुआत हो चुकी है और यह महीना मुस्लिम भाइयों के लिए बेहद ही खास होता है. इस महीने इस्लाम धर्म के लोग रोजा रखते हैं. ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत करते हैं. रमजान के महीने में केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार, दिनचर्या और इच्छाओं पर नियंत्रण रखने का अभ्यास है.

रमजान क्यों मनाएं जाते हैं?

रमजान का महीना इस्लाम का सबसे पाक और पवित्र महीना माना जाता है और मान्यता यह है कि इसी महीने में पवित्र ग्रंथ कुरआन नाज़िल हुआ, इसलिए कुरआन की तिलावत का विशेष महत्व रहता है. साथ ही रमज़ान इस्लाम के सबसे अहम त्योहारों में से एक है और यह पैगंबर मुहम्मद को प्राप्त पहली ईश्वरीय वाणी की याद में मनाया जाता है, जो उन्हें हीरा पर्वत की एक गुफा में फ़रिश्ते जिब्रिल के दर्शन के दौरान मिली थी.

इसके अलावा, आख़िरी दस रातों में लैलतुल क़द्र की तलाश की जाती है, जिसे हजार महीनों से अधिक बरकतों वाली रात बताया गया है. बता दें की रमजान का समापन ईद-उल-फ़ित्र के साथ होता है, जो भाईचारे और खुशियों का सदेंश देती है.

सहरी का क्या महत्व है?

सुबह की सहरी का रोजे में बेहद ही महत्व होता है. फज्र की नमाज से पहले लिया जाने वाला यह भोजन दिनभर उपवास की नींव रखता है. साथ ही इस्लाम धर्म में सहरी को सुन्नत माना जाता है और इसे छोड़ना कमजोरी का कारण बन सकता है. इसके अलावा, आप अगर सहरी में इन खाद्य पदार्थों जिनमें ओट्स, दलिया, रोटी, प्रोटीन (अंडा, दही, दूध, दाल) और स्वस्थ वसा (नट्स, बीज) आदि को शामिल करते हैं, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है.

इफ्तार क्या होता है?

सूर्यास्त के बाद मुस्लिम भाई रोजा खोलते है और इसी समय को इफ्तार कहां जाता है. ऐसे में सबसे पहले खाने में खजूर और पानी से रोजा खोला जाता है, जिसे स्वास्थ्य के लिहाजे से भी उचित माना जाता है और फिर इसके बाद मुख्य भोजन लेने का रिवाज है. इसी तरह से इफ्तार करने से ही रोजा पूरा माना जाता है.

रमजान क्या न करें?

  • अगर आप रोजा रखा है तो इस बात का ख्याल रखें कि अपनी सुबह की सहरी न छोड़े.

  • इफ्तार में जरूरत से ज्यादा खाना न खाएं.

  • अगर आप रोजे के दौरान अत्यधिक कैफीन या सोडा का सेवन करते हैं तो रोजा टूट सकता है.

  • साथ ही बहुत ज्यादा तला या मीठा भोजन से बचे.

  • आप जब रोजा रख रहे हैं तो आलस्य और निष्क्रियता से दूरी बनाएं रखें.

रमजान के महीने में क्या करें?

  • अगर आप रोजा रखते हैं तो दिन में पांच वक्त की नमाज जरुर पढ़ें.

  • साथ ही रमजान में कुरआन की तिलावत करें, रोज थोड़ा-थोड़ा कुरआन पढ़ें या सुनें.

  • रमजान में सेहरी और इफ्तार का विशेष रुप से ख्याल रखें.

  • इस बात का विशेष रुप से ख्याल रखें कि इस पाक महाने में अपने व्यवहार पर कंट्रोल रखें किसी को भी बुरा-भला न कहे.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Ramzan celebrate 2026 Learn significance of Sehri and Iftar all information
Published on: 19 February 2026, 05:17 PM IST

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