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Updated on: 14 September, 2026 5:03 PM IST
गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है और कैसे बनाएं मोदक (Image Source-AI generate)

देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम है और महाराष्ट्र समेत देश के दूसरे राज्यों में भी लोग गणेश चतुर्थी को बेहद ही धूमधाम से बनाते हैं और पूरे 10 दिनों के लिए गणेश भगवान को घरों में पंडाल लगा कर विराजमान करते हैं. ऐसे में रोजाना बपा को ताजे मोदक बनाकर भोग लगाना होता है, लेकिन कुछ लोग मोदक को बाहर से खरीद लेते हैं, जो सही नहीं होता. ऐसे में आप मोदक को बाहर दुकानों से न खरीद कर इस आसान प्रक्रिया से अपने घरों में बना सकते हैं और गणेश भगवान को प्रसन्न कर सकते हैं.

गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?

गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास के शुक्‍ल पक्ष की चतुर्थी को देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है. इस त्योहार के पीछे की कहानी है कि पौराणिक काल में एक बार महर्षि वेदव्यास ने महाभारत की रचना करने के लिए गणेश से प्रार्थना की थी, जिसके बाद गणेश ने बिना रुके पूरे 10 दिनों तक कथा लिखी और उसके बाद गणेश की शरीर गर्म हो गया था. इसके बाद वेदव्यास ने पूरे 10 दिनों के बाद गणेश को चतुर्दशी पर जल में स्नान कराया था, इसी वजह से गणेश चतुर्थी पर 10 दिन की पूजा और विसर्जन की परंपरा है.

कैसे बनाएं मोदक?

अगर आप अपने घरों में गणेश का भोग मोदक बना रहे हैं तो सबसे पहले बाजार से इन सामग्रियों को ले आए और इसके बाद गैस पर भारी तले की कड़ाही रखें. इसमें पिसा हुआ नारियल-बादाम का मिश्रण डालें फिर बाद में चीनी, 1/2 कप दूध, हरी इलायची पाउडर और केसर वाला दूध मिला दें और इसके बाद गैस की आंच को मध्यम रखें इन सभी चीजों को अच्छे से पकाएं.

  • इसके बाद धीमी आंच पर पकाकर डो तैयार करने के बाद यानी जब दूध और चीनी का पानी पूरी तरह सूख जाए और मिश्रण एक जगह सिमटने लगे तो उसे प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें.

  • उसके बाद आखिरी काम बचता है मोदक को सांचे में डालकर उसको मोदक की शेप में लाना. इसके लिए आप बाजार से मेटल या फिर प्लास्टिक का सांचा खरीद के लेकर लें आए. इसके बाद सांचे को खोलकर नारियल-बादाम के मिश्रण को सांचे के नीचे दिए गए छेद से अंदर दबा-दबाकर भरें और उसके बाद हल्के से सांचे से मोदक को बाहर निकाल लें. इसी तरीके से आप घर पर ही मोदक बना सकते हैं.

गणेश जी को मोदक क्यों चढ़ाएं जाते हैं?

मोदक के पीछे भी एक कथा के अनुसार जब भगवान परशुराम के साथ गणेश जी का युद्ध हो रहा था. इस दौरान गणेश जी का एक दांत टूट गया था और तब से उन्हें एकदंत कहां जानें लगा साथ ही इस दौरान गणएशा को खाने में समस्या होने लगी थी, तब उनके लिए नरम मोदक बनाए गए, जिन्हें वह आसानी से खा सकें और तभी से ही गणेश जी को मोदक बेहद ही प्रिय हो गए थे. 

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Ganesh Chaturthi Why Celebrated Easy Bappa Special Bhog Modak Recipe Religious Significance
Published on: 14 September 2026, 05:08 PM IST

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