RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 20 July, 2019 5:13 PM IST

सावन का महीना भगवान शिव को प्रसन्न करने का महीना है. भोलेनाथ के बारे में तो वैसे भी कहा जाता है कि वह इतने जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं कि पल भर में खुशियां झोली में डाल देते हैं. भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ना तो धन-संपत्ति या महंगें अनुष्ठानों की आवश्यक्ता है और ना ही किसी तरह की भव्य आडंबरों की. जगत के पालनहार तो भक्तों की शुद्ध मन से की गई श्रद्धा एवं भक्ति भाव से ही खुश हो जाते हैं. सावन के महीने में की जाने वाली कांवड़ यात्रा भी इसी का प्रतिक है.

सावन के इस सुंदर महीने में निकलने वाली शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा भी इसी बात का एक प्रतीक है. लोग दूर-दूर से आकर कांवड़ में गंगाजल भर कर शिव का जलाभिषेक करते है. वैसे तो कांवड़ यात्रा संपूर्ण रूप से आडंबरों से दूर है, लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान जरूर रखा जाना चाहिए. जैसे महादेव को गंगाजल अर्पण करने से पूर्व कांवड़ को भूमि पर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि जलस्रोत सीधे प्रभु से जुड़ा हुआ होता है. उसी तरह ध्यान रहे कि जल भरने के लिए जिस जलपात्र का उपयोग हो रहा हो, वह भले ही सस्ता हो लेकिन कहीं से टूटा-फूटा या पहले से उपयोग किया हुआ ना हो.

ध्यान रहे कि इस यात्रा के दौरान गंगाजल के लिए पसंद किए गए पात्र को साफ लकड़ी के डंडे पर रेशम या सूत की रस्सी से बांधना चाहिए. यात्रा के समय ध्यान प्रभु की भक्ति में लगाएं. किसी भी अपशब्दों का प्रयोग ना करें और ना ही किसी के लिए द्वेष भावना अपने मन में लाएं. कांवड़ यात्रा के दौरान व्रत रखें एवं यात्रा समूह में ही करें.

English Summary: do not break these rules in kanwad yatra
Published on: 20 July 2019, 05:15 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now