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Updated on: 25 April, 2026 6:27 PM IST
Zydex Zytonic Bhoomi Products

भारतीय कृषि आज एक दोराहे पर खड़ी है. एक ओर हमें बढ़ती जनसंख्या का पेट भरने के लिए उत्पादन बढ़ाना है, तो दूसरी ओर पिछले पांच दशकों के रासायनिक हस्तक्षेप ने हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति – मिट्टी - को गंभीर क्षति पहुंचाई है. इसी संकटपूर्ण पृष्ठभूमि में, सन् 1997 में डॉ. अजय रांका द्वारा स्थापित जायडेक्स इंडस्ट्रीज एक क्रांतिकारी परिवर्तन के संवाहक के रूप में उभरी है . जायडेक्स का विजन केवल एक रसायन निर्माता कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा वैश्विक उद्यम है जो "रोटी, कपड़ा, मकान और सड़क" जैसे मानव जीवन के चार अनिवार्य स्तंभों को शाश्वतता  (Sustainability) प्रदान करने के लिए समर्पित है .

डॉ. अजय रांका ने प्रकृति के सूक्ष्म जीव विज्ञान को आधुनिक रसायन शास्त्र के साथ जोड़कर ऐसी तकनीकें विकसित की हैं, जो न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की क्षमता रखती हैं . 40 से अधिक देशों में अपनी पहुंच और 1,100 से अधिक विशेषज्ञों की टीम के साथ, जायडेक्स आज सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक वैश्विक मानक स्थापित कर चुका है . विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में, कंपनी का 'एग्रो सॉल्यूशंस' विभाग इस दर्शन पर कार्य करता है कि कैसे हर व्यक्ति को स्वस्थ, रासायनिक अवशेष मुक्त और पोषक भोजन उपलब्ध कराया जाए.

समस्या का मूल: मृत होती मिट्टी और गिरता उत्पादन

आज का आधुनिक किसान और जागरूक उपभोक्ता, दोनों ही एक अदृश्य संकट का सामना कर रहे हैं. उपभोक्ता इस बात से चिंतित है कि उसकी थाली में आने वाला भोजन कीटनाशकों के अवशेषों से भरा है, जबकि किसान इस बात से परेशान है कि हर साल खाद और दवाइयों की मात्रा और खर्च बढ़ने के बावजूद उसकी मिट्टी की उत्पादकता घटती जा रही है. इस समस्या की जड़ हमारी मिट्टी की बिगड़ती हुई भौतिक, रासायनिक और जैविक सेहत में छिपी है.

एक आदर्श मिट्टी वह है जो नरम हो, जिसमें हवा का आवागमन (Aeration) हो और जिसकी जल धारण क्षमता अधिक हो. लेकिन अत्यधिक रसायनों और मशीनों लगातार के प्रयोग से मिट्टी सख्त और कड़क हो गई है. जब मिट्टी कड़क हो जाती है, तो इसके कणों के बीच का स्थान कम हो जाने से बीजों का अंकुरण कम होता है, पौधों की जड़ें गहराई तक नहीं जा पातीं और मित्र जीवाणु (Beneficial Microbes) भोजन और हवा के अभाव में मरने लगते हैं. इस सब के कारण किसानों द्वारा डाले जाने वाले रासायनिक खाद आदि का फसल पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाती हैं और उत्पादन भी प्रभावित होता है. इसी "मृत मिट्टी" को पुनर्जीवित करने के लिए जायडेक्स ने जायटॉनिक टेक्नोलॉजी विकसित किया है .

जायटॉनिक टेक्नोलॉजी (Zytonic Technology): विज्ञान और प्रकृति का संगम

जायटॉनिक टेक्नोलॉजी जायडेक्स का एक पेटेंटेड और विश्व-विख्यात आविष्कार है, जो बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर पर आधारित है . यह तकनीक मुख्य रूप से मिट्टी के 'फिजिक्स और केमिस्ट्री' यानी उसकी भौतिक और रासायनिक संरचना को सुधारने का कार्य करती है.

जब जायटॉनिक आधारित उत्पाद को मिट्टी में डाला जाता है, तो यह मिट्टी के कणों के बीच सूक्ष्म खंबे जैसी संरचना का निर्माण करता है और इससे मिट्टी के कणों के बीच जगह बनाना शुरू कर देता है . इससे मिट्टी का कड़कपन टूटता है और वह मात्र 30 से 45 दिनों के भीतर इतनी नरम और भुरभुरी हो जाती है कि पौधों की जड़ें आसानी से फैल सकें . इस तकनीक के कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. अभूतपूर्व अंकुरण: नरम और हवादार मिट्टी में डाले गए बीज 90-95%  तक सफलतापूर्वक अंकुरित होते हैं, जिससे खेत में पौधों की संख्या पूरी रहती है और उत्पादन की नींव मजबूत होती है.

  2. जल संरक्षण: जायटॉनिक तकनीक मिट्टी की जल धारण क्षमता को इतना बढ़ा देती है कि सिंचाई की आवश्यकता 30% से 50% तक कम हो जाती है . यह तकनीक पानी को मिट्टी में लंबे समय तक रोककर रखती है, जिससे फसल सूखे के प्रति अधिक सहनशील हो जाती है. इसके साथ ही यह बरसात के पानी को नीचे ले जाने मे भी सहायक है जिससे भू जल स्तर बढाने मे सहायता मिलती है. 

  3. जड़ों का सघन विकास: भुरभुरी मिट्टी में जड़ें गहराई तक जाती हैं, जिससे वे मिट्टी के गहरे स्तरों में छिपे पोषक तत्वों और पानी तक पहुंच पाती हैं .

जायटॉनिक उत्पाद श्रंखला: मिट्टी के लिए एक पूर्ण पोषण तंत्र

जायडेक्स इंडस्ट्रीज ने मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए एक चरणबद्ध प्रणाली विकसित की है, जिसे 'जायटॉनिक प्रीमियम रेंज' कहा जाता है:

  • जायटॉनिक गोधन (Godhan):

कार्बनिक पदार्थ मिट्टी की जैविक शक्ति का आधार हैं. 'जायटॉनिक गोधन' एक ऐसा उत्पाद है जो गोबर और फसल अवशेषों को मात्र 45-60 दिनों में उच्च गुणवत्ता वाली खाद में बदल देता है . यह फफूंद आधारित जैव पाचन प्रक्रिया है जो  पारंपरिक विधि से कहीं अधिक तेज और प्रभावी है, जिससे किसान को कम श्रम में उत्तम खाद प्राप्त होती है .

  • जायटॉनिक-एम (Mycorrhiza):

यह उत्पाद मिट्टी और जड़ों, दोनों पर एक साथ कार्य करता है. इसमें ज़ायटॉनिक तकनीक के साथ एंडो और एक्टो माइकोराइज़ा का विशेष संगम है जो जड़ों के कार्यक्षेत्र को 5-10 गुना बढ़ा देता है . यह मिट्टी में जमे हुए फास्फोरस को घोलकर पौधों तक पहुंचाने में प्रमुख भूमिका निभाता है  और जड़ों के बेहतर विकास से पौधे अन्य पोषक तत्व भी समुचित मात्रा मे लगातार ले पाते हैं.

  • जायटॉनिक मिनी और नर्सरी किट (एम, एनपीके, जिंक एक साथ) और ज़ायटॉनिक “के” (पोटाश):  

ये बायो-फर्टिलाइजर्स मिट्टी में प्राकृतिक रूप से संचित भंडार को सक्रिय करने का कार्य करते हैं . जहां रासायनिक एनपीके कुछ ही दिनों में नष्ट हो जाता है, वहीं जायटॉनिक एनपीके के जीवाणु लंबे समय तक फसल को निरंतर पोषण देते रहते हैं . जायटॉनिक जिंक मिट्टी में पहले से स्थिर सूक्ष्म पोषक तत्वों को घुलनशील बनाकर पौधों के लिए उपलब्ध कराता है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है. ज़ाय टॉनिक के, पोटाश को घुलनशील बनाकर पौधों को उपलब्ध करता है जिससे फसल के उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होते हैं.   

  • जायटॉनिक सुरक्षा (Suraksha):

यह कम पानी और अधिक गर्मी (45°C) तक के दौरान पत्तियों पर एक नमी सोखने वाली परत बना देता है, जिससे ओस को अवशोषित करके, फसल को लगातार पानी की उपलब्धता बनाए रखता है जिससे फसल मुरझाती नहीं है. साथ ही इसमे घुली हुई कार्बन-डाई-आक्साइड प्रकाश सन्सलेषण की प्रक्रिया को बेहतर करके पौधे की बढ़वार मे सहायता करता है. 

जायडेक्स भूमि (Zydex Bhoomi): हर किसान तक पहुंचने का संकल्प

जायडेक्स ने महसूस किया कि तकनीक का लाभ तभी है जब वह हर छोटे-बड़े किसान के लिए उसकी कार्य शैली मे समाहित हो सके और तक सुगमता से उपलब्ध हो. ज़ायटॉनिक तकनीक युक्त उत्पाद यूं तो बेहद प्रभावशाली हैं परंतु इनको सीड ड्रिल या ड्रिप मे प्रयोग करने मे किसानों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और उनका समय अधिक लगता था. इसी को ध्यान मे रखते हुए 'जायडेक्स भूमि' उत्पाद श्रंखला को प्रस्तुत किया गया है . यह श्रृंखला उन किसानों के लिए है जो पहली बार जैविक कृषि अपना रहे हैं या जिन्हें उपयोग में सुगमता और किफायती मूल्य चाहिए. इन्ही मे से कुछ प्रमुख उत्पादों की जानकारी नीचे दी गई है.

  • भूमि एम गोल्ड प्लस (Bhoomi M Gold Plus):

यह 4 किलो के पैक में आने वाला एक सुलभ माइकोराइज़ा उत्पाद है . यह पहली बार उपयोग करने वाले किसानों के लिए सबसे कम जोखिम वाला विकल्प है . इसके दाने खेत की नमी मे तुरंत घुलकर खेत मे समान रूप से फैल जाते हैं और प्रभावशाली तरीके से काम करते हैं. किसान मात्र 21 दिनों में मिट्टी से पौधा उखाड़कर सफेद जड़ों का घना जाल स्वयं देख सकते हैं, जो इस तकनीक की सफलता का जीवंत प्रमाण है .

  • भूमि एम (सीडड्रिल के लिए विशेष):

आधुनिक खेती में मशीन से बुवाई (Seed-Drill) का प्रचलन बढ़ा है. जायडेक्स ने भारत में पहली बार ऐसा दानेदार माइकोराइजा पैक बनाया है जो सीधे मशीन के खाद वाले स्लॉट में डाला जा सकता है . इससे माइकोराइज़ा सीधे बीज के साथ सही गहराई पर पहुंचता है और अलग से डालने की मेहनत बचती है .

  • ज़ायटॉनिक प्रोम प्लस:

यह विशेष रूप से बनाए गए दानेदार उत्पाद हैं जो सीधे रासायनिक डीएपी (DAP) या पोटाश (MOP) का स्थान ले सकते हैं या उनके पूरक के रूप में कार्य कर सकते हैं . इसमे रॉक फास्फैट, ऑर्गैनिक खाद और ज़ायटॉनिक तकनीक के साथ जैविक सूक्ष्मजीवों का एक अद्भुत संतुलन है जो 90 से भी अधिक दिनों तक निरंतर पोषक तत्व प्रदान करते हैं, जिससे फसल का संतुलित विकास होता है.

नवाचारी समाधान: ड्रिप किट और फसल सुरक्षा

  • ज़ायडेक्स भूमि ड्रिप किट्स

ड्रिप सिंचाई का उपयोग करने वाले गन्ना, सब्जी और फल आदि उत्पादक किसानों के लिए,  जायडेक्स ने ड्रिप किट के रूप मे अत्याधुनिक उत्पाद दिए हैं. ये उत्पाद पूरी तरह से पानी में घुलनशील हैं और ड्रिप मे  बेहतर तरीके से प्रयोग होते हैं. एक किट में माईकोराइज़ा के साथ एन पी के कॉनसॉरशिया एक साथ है जो फसल को लगातार पोषण प्रदान करते हैं. दूसरी किट मे पोटाश और जिंक के बैक्टीरीआ हैं जो खड़ी फसल मे समुचित पोषण देकर गुणवत्ता युक्त उत्पादन मे प्रमुख भूमिका निभाते हैं.   

  • ज़ायटॉनिक बायोपेटिसाइड किट्स:

जायडेक्स ने मिट्टी, ड्रिप और छिड़काव के लिए तीन अलग-अलग किट विकसित किए हैं, जो हानिकारक कीटों, नेमैटोड, बॅकटीरिया और फंगस से फसल को जैविक सुरक्षा प्रदान करते हैं.

  • जायटॉनिक बायो-बूस्टर (Bio-booster):

फसल को बाहरी तनावों से बचाने के लिए समुद्री घास (Seaweed) के अर्क और अमीनो एसिड का मिश्रण है, जो फसल की वानस्पतिक अवस्था मे वृद्धि के साथ ही पोटाश की उपलब्धता के कारण फूल झड़ने की समस्या को रोकता है और फल लगने की दर को 10-15% तक बढ़ा देता है. इसका उपयोग यदि ज़ायटॉनिक सुरक्षा के साथ किया जाता है तो इसका प्रभाव और बेहतर देखा गया है.

कुल मिलाकर जायडेक्स का उद्देश्य केवल उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि किसान की लागत को कम करना और उसकी भूमि को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करना है. जायटॉनिक और भूमि का यह संगम मिट्टी को नरम बनाता है, पानी की 40% तक बचत करता है और रासायनिक खादों पर निर्भरता को कम करता है .

जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उससे निकलने वाला अन्न भी पोषक और विष-मुक्त होता है. जायडेक्स का यह सफर "रोटी, कपड़ा, मकान और सड़क" की स्थिरता के माध्यम से एक ऐसे भारत का निर्माण कर रहा है जहां किसान समृद्ध हो, मिट्टी जीवित हो और हर नागरिक को शुद्ध भोजन प्राप्त हो. यह वास्तव में भारतीय कृषि के इतिहास में एक वैज्ञानिक और मानवीय क्रांति का आधार है.

English Summary: zydex zytonic bhoomi products organic farming soil health profit increase india
Published on: 25 April 2026, 06:33 PM IST

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