जायडेक्स कंपनी द्वारा ग्राम- अभनापुर, तहसील- महमूदाबाद, जिला- सीतापुर (उ.प्र.) में दिनांक 20 अप्रैल 2026 को एक सफल किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 53 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत उत्पादों और टिकाऊ खेती के तरीकों के बारे में जागरूक करना था. कार्यक्रम के दौरान किसानों में काफी उत्साह देखने को मिला और उन्होंने सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी दर्ज कराई.
इस गोष्ठी में सुंजीत वर्मा द्वारा किसानों को ज़ायडेक्स कंपनी के एग्रो डिवीजन और कंपनी के विजन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. उन्होंने बताया कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाना है. साथ ही यह भी बताया गया कि कंपनी केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी अपने नवाचारों के माध्यम से योगदान दे रही है.
कार्यक्रम के दौरान एग्रो डिवीजन के विभिन्न प्रमुख उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और उनके सही उपयोग के तरीके भी समझाए गए. किसानों को विशेष रूप से मेंथा, मिर्च और मक्का जैसी वर्तमान फसलों में ज़ायटॉनिक उत्पादों के उपयोग के लाभों के बारे में बताया गया. यह समझाया गया कि इन उत्पादों का बेसल एवं मुख्य खेत में प्रयोग करने से सिंचाई की आवश्यकता में कमी आती है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है, तथा फसल की बढ़वार और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.
किसानों को ज़ायटॉनिक एम, ज़ायटॉनिक नर्सरी किट, ज़ायटॉनिक जिंक, ज़ायटॉनिक एनपीके, ज़ायटॉनिक के, ज़ायटॉनिक एक्टिव, ज़ायटॉनिक सुरक्षा और ज़ायटॉनिक नीम जैसे उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी गई. इसके साथ ही ज़ायटॉनिक गोधन के माध्यम से गोबर से जैविक खाद बनाने की विधि भी सरल तरीके से समझाई गई, जिससे किसान प्राकृतिक और कम लागत वाली खेती की ओर प्रेरित हो सकें.
इसके अलावा, किसानों को यह भी बताया गया कि ज़ायटॉनिक एक्टिव को कीटनाशक, फफूंदनाशक, खरपतवारनाशक एवं अन्य टॉनिक के साथ मिलाकर उपयोग किया जा सकता है, जिससे इन सभी उत्पादों की प्रभावशीलता में वृद्धि होती है और बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं.
कार्यक्रम के दौरान गिलास डेमो के माध्यम से ज़ायटॉनिक टेक्नोलॉजी को बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया. इस प्रदर्शन ने किसानों के बीच उत्पाद के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया तथा उन्होंने इसकी उपयोगिता को प्रत्यक्ष रूप से समझा.
पूरे कार्यक्रम के दौरान किसानों की सहभागिता सराहनीय रही. उन्होंने विभिन्न सवाल पूछे और अपने अनुभव भी साझा किए. इस गोष्ठी का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि कुल 18 किसानों ने ज़ायटॉनिक उत्पादों को अपनाने की सहमति दी. इस प्रकार यह किसान गोष्ठी न केवल जानकारीपूर्ण रही, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि की दिशा में प्रेरित करने में भी सफल साबित हुई.