Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 21 January, 2026 5:22 PM IST
बुलंदशहर जिले के अहरोली गांव में आज एक किसान गोष्ठी का किया गया सफल आयोजन

बुलंदशहर जिले के अहरोली गांव में आज एक किसान गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के 50 से अधिक किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को गन्ना, आलू और टमाटर की उन्नत एवं टिकाऊ खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना था. गोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की.

कार्यक्रम के दौरान जायडेक्स (Zydex) कंपनी के प्रतिनिधि आलोक कुमार विश्वकर्मा ने किसानों को कंपनी की जायटॉनिक (Zytonic) टेक्नोलॉजी आधारित जैविक उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने जायटॉनिक मिनी किट, जायटॉनिक नर्सरी किट, जायटॉनिक गोधन और जायटॉनिक-एम के उपयोग, फसलवार विधि, मात्रा और सही समय पर प्रयोग से होने वाले लाभों पर विस्तृत जानकारी दी.

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के तीन वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने भी किसानों को गन्ना, आलू और टमाटर की फसलों में मिट्टी स्वास्थ्य, पोषण प्रबंधन, रोग-कीट नियंत्रण और उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक विधियों के बारे में जानकारी दी. वैज्ञानिकों ने बताया कि जैविक और टिकाऊ खेती अपनाकर किसान लागत कम करने के साथ-साथ उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार कर सकते हैं.

कार्यक्रम में जायडेक्स कंपनी के अधिकृत डीलर जय किसान सेवा केंद्र के धीरज कुमार और विनेश भारद्वाज ने भी भाग लिया. उन्होंने किसानों को उत्पादों की उपलब्धता, सही उपयोग और तकनीकी सहयोग से संबंधित जानकारियां प्रदान कीं.

गोष्ठी के दौरान कुछ प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव भी साझा किए, जिन्होंने जायटॉनिक टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादों का अपनी फसलों में सफलतापूर्वक उपयोग किया है. किसानों ने बताया कि इन उत्पादों के प्रयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई, जड़ों का विकास मजबूत हुआ और उत्पादन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले.

इन अनुभवों से प्रेरित होकर कार्यक्रम में उपस्थित कई किसानों ने भविष्य में जायटॉनिक टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादों को अपनाने में रुचि दिखाई. कार्यक्रम के अंत में किसानों के प्रश्नों का समाधान किया गया और उन्हें खेती से जुड़ी व्यावहारिक सलाह दी गई.

इस किसान गोष्ठी को कवर करने के लिए कृषि जागरण की टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही. इस आयोजन से क्षेत्र के किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने और आधुनिक, लाभकारी व टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी.

English Summary: Zydex farmer meet bulandshahr ahroli sugarcane potato tomato organic farming
Published on: 21 January 2026, 05:26 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now