Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 16 January, 2023 12:56 PM IST
कम होगा आटे का रेट!

नए साल पर देश में अनाज का संकट नहीं पैदा होगा. इस साल गेहूं, धान, तिलहन और दलहन समेत  सभी फसलों की बिजाई अच्छी हुई है. गौरतलब है कि कुछ माह पहले ही आटा के कीमतों में बढ़ोतरी होने से मध्यम वर्ग का बजट बिगड़ा था. जिसके बाद मीडिल क्लास को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार आटे की कीमतों पर नियंत्रण करने का कदम उठा रही है.

देश में इस बार बंपर गेहूं की बिजाई हुई है. जिससे देश में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन हो सकता है. इसका असर गेहूं की कीमतों पर देखने को मिलेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की कीमतों में कमी होने से आटे की कीमतें घट सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा वर्ष 2022-23 में देश में रिकॉर्ड गेंहू का उत्पादन हो सकता है. गेहूं का उत्पादन 2022-23 में 11.2 करोड़ टन पहुंचने की संभावना है. वहीं अगर इससे अधिक गेहूं का उत्पादन होता है तो घरेलू खपत में कोई परेशानी नहीं होगी, जिसका असर आटे की कीमतों पर नजर आएगा.

गेहूं के रकबे में हुई बढ़ोतरी

गेहूं के अधिक उत्पादन होने पर विशेषज्ञों की राय है कि देश में जो गेहूं हुआ है इसके पीछे की वजह अधिक उत्पादन वाली फसलों का होना है. विशेषज्ञों के अनुसार अधिक उपज वाली प्रजातियों के कारण खेती का रकबा बढ़ गया है. वहीं खरीफ सीजन के आखिरी में हुई बारिश ने भी रबी की प्रमुख फसल गेहूं की पैदावार में बढ़ोतरी की है. मौजूदा रबी सत्र में गेहूं का उत्पादन अनुमान पिछले साल के रबी कटाई सत्र की तुलना में करीब 50 लाख टन अधिक है.

इन राज्यों में अधिक हुई गेहूं की बुवाई

इस साल देश के बड़े क्षेत्र में गेहूं की बंपर बिजाई हो रही है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, और राजस्थान राज्य के अधिक हिस्सों में गेहूं की बिजाई हुई है. विशेषज्ञों के मुताबिक इसलिए गेहूं का रकबे में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि किसानों ने गेहूं की बुवाई तय समय पर की. बता दे कि सर्दियों में रबी की फसलों का रकबा पिछले साल की अपेक्षा 15 लाख हेक्टेयर बढ़ा है, जो 3.3 करोड़ हेक्टेयर हो गया है.

ये भी पढ़ेंः आटा चक्की का बिजनेस कैसे शुरू करें, खर्च और पूरा स्ट्रेक्चर जानिए

बता दें कि पिछले साल लू के प्रभाव के कारण गेहूं की पैदावार कम हुई थी. लेकिन एकाएक गेहूं का एक्सपोर्ट बढ़ा था. वहीं रूस-यूक्रेन वार के कारण भी गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई जिसके कारण केंद्र सरकार  ने मई 2022 में गेहूं के एक्सपोर्ट पर प्रतिंबध लगा दिया था.

English Summary: wheat Record production this year Flour prices may come down
Published on: 16 January 2023, 01:00 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now