आज के समय में किसान सिर्फ खेती पर ही निर्भर नहीं रहते हैं. वे खेती के साथ ऐसे करोबार की भी तलाश में रहते हैं, जिससे वह कम लागत में छप्पर फाड़ मुनाफा कमा सकें. ऐसे में किसान भाइयों को लिए Vermicomposting यानी केंचुआ पालन उनके लिए सही विकल्प साबित हो सकता है, क्योंकि जिस तरह से किसान भाई जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं बाजारों में भी इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे लाखों तक का मुनाफा होना संभव हो रहा है.
क्यों बढ़ रही है वर्मीकंपोस्ट की मांग?
आजकल लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और रासायनिक खाद से उगाई गई फसलों की बजाय ऑर्गेनिक उत्पादों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. यही वजह है कि वर्मीकंपोस्ट जैसी जैविक खाद की मांग शहरों से लेकर गांवों तक तेजी से बढ़ रही है. किचन गार्डनिंग, नर्सरी और ऑर्गेनिक फार्मिंग में इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.
कम लागत में आसान शुरुआत
अगर आप किसान है तो केंचुआ पालन आपके लिए अच्छा मुनाफे वाला बिजनेस साबित हो सकता है. इसे शुरू करने के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत नहीं होती. किसान अपने घर या खेत के खाली हिस्से में भी इसे शुरू कर सकते हैं. इसके लिए गोबर, खेत का जैविक कचरा और केंचुओं की अच्छी नस्ल की जरूरत होती है. किसान चाहें तो मिट्टी पर सीधे या सीमेंट के बेड बनाकर भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं.
कैसे तैयार होती है वर्मीकंपोस्ट खाद?
वर्मीकंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल है. सबसे पहले गोबर और जैविक कचरे को एक जगह इकट्ठा किया जाता है, फिर उसमें केंचुए छोड़े जाते हैं. केंचुए धीरे-धीरे इस कचरे को खाकर उसे उच्च गुणवत्ता वाली खाद में बदल देते हैं. इस प्रक्रिया में नमी और तापमान का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है.
केंचुओं को ठंडी, नम और छायादार जगह पसंद होती है. इसलिए यूनिट को हमेशा छांव में रखें और समय-समय पर पानी का छिड़काव करते रहें. लगभग 45 से 60 दिनों में खाद तैयार हो जाती है, जिसे आसानी से बाजार में बेचा जा सकता है.
कैसे-कैसे कमाई की जा सकती है?
इस बिजनेस में कमाई के कई विकल्प हैं, जो कुछ इस प्रकार है-
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किसान वर्मीकंपोस्ट खाद को पैकेट में पैक करके स्थानीय बाजार, नर्सरी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं.
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इसके अलावा केंचुओं की बिक्री से भी अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है. नए किसान और वर्मीकंपोस्ट यूनिट लगाने वाले लोग लगातार केंचुओं की मांग करते रहते हैं.
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अगर बड़े स्तर पर इस काम को किया जाए, तो सरकारी योजनाओं और बड़े ऑर्डर के जरिए भी अच्छी कमाई की जा सकती है. सही मार्केटिंग और गुणवत्ता बनाए रखने पर किसान सालाना लाखों रुपये तक कमा सकते हैं.
ध्यान रखने वाली जरूरी बातें
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इस बिजनेस को सफल बनाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि कभी भी ताजा गोबर का उपयोग न करें, बल्कि 10-15 दिन पुराना गोबर ही इस्तेमाल करें. साथ ही केंचुओं के लिए नमी बनाए रखें
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बेड को समय-समय पर पलटते रहें, ताकि ऑक्सीजन मिलती रहे
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तापमान संतुलित रखने के लिए जूट की बोरी या पराली का इस्तेमाल करें
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इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर किसान इस बिजनेस को लंबे समय तक सफल बना सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह